ताज़ा अपडेटनई दिल्ली में ओपेक-भारत ऊर्जा संवाद की सातवीं उच्च स्तरीय बैठक संपन्न, सहयोग बढ़ाने पर जोर
Vimarsh Naarad TV logoस्वतंत्र डिजिटल न्यूज़Vimarsh–Naarad TVखबर • विमर्श • जनता की आवाज़
डिजिटल संस्करणYouTube
समाचार श्रेणियां

नई दिल्ली में ओपेक-भारत ऊर्जा संवाद की सातवीं उच्च स्तरीय बैठक संपन्न, सहयोग बढ़ाने पर जोर

नई दिल्ली में 22 सितंबर 2026 को ओपेक-भारत ऊर्जा संवाद की सातवीं उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और ओपेक महासचिव हैथम अल घैस ने इसकी सह-अध्यक्षता की। बैठक में तेल बाजार की स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और निवेश के महत्व पर चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने भविष्य में ऊर्जा सहयोग को और गहरा करने और वैश्विक ऊर्जा बाजार में पारदर्शिता लाने पर सहमति जताई।

नई दिल्ली में 22 सितंबर 2026 को ओपेक-भारत ऊर्जा संवाद की सातवीं उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और ओपेक के महासचिव हैथम अल घैस ने की। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में सहयोग को मजबूत करना था।

बैठक के दौरान तेल बाजार की स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और तेल उद्योग में समय पर निवेश की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने अल्पकालिक और दीर्घकालिक ऊर्जा दृष्टिकोणों की समीक्षा की। इस दौरान वैश्विक आर्थिक विकास और ऊर्जा मांग में वृद्धि के संदर्भ में भारत की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।

मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और ओपेक के बीच संबंध स्वाभाविक रूप से पूरक हैं। उन्होंने ओपेक महासचिव के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारत ओपेक के साथ अपने दीर्घकालिक जुड़ाव को बहुत महत्व देता है। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले दशकों में वैश्विक ऊर्जा मांग का एक प्रमुख चालक बना रहेगा।

श्री पुरी ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता और पारदर्शिता लाने के लिए ओपेक के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच निरंतर संवाद की आवश्यकता पर बल दिया ताकि विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने ओपेक और भारत से मिलकर एक संतुलित और स्थिर ऊर्जा बाजार के लिए काम करने का आह्वान किया।

ओपेक महासचिव हैथम अल घैस ने कहा कि भारत के साथ संवाद ओपेक की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि 2015 में शुरू हुआ यह संवाद पिछले ग्यारह वर्षों से लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने ऊर्जा चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के व्यावहारिक और संतुलित दृष्टिकोण की सराहना की।

महासचिव ने कहा कि भारत की कई ऊर्जा प्राथमिकताएं ओपेक के लक्ष्यों के अनुरूप हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए कूटनीति और संवाद को हमेशा प्राथमिकता दी है।

बैठक में अब तक हुई तकनीकी प्रगति की सराहना की गई और सहयोग को और गहरा करने पर सहमति बनी। अंत में, ओपेक-भारत ऊर्जा संवाद की 8वीं उच्च स्तरीय बैठक ऑस्ट्रिया के वियना में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

स्रोत

मूल संदर्भ

01Press Information Bureauमूल रिपोर्ट देखें ↗