नई दिल्ली में ब्रिक्स बाजार का आयोजन: केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने जहरा पेज़ेशकियान का किया स्वागत
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने नई दिल्ली के राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय में आयोजित ब्रिक्स बाजार में ईरान के राष्ट्रपति की पुत्री जहरा पेज़ेशकियान का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने ब्रिक्स देशों की सांस्कृतिक विरासत और कला को प्रदर्शित करने वाले इस आयोजन का भ्रमण कराया। मंत्री ने इसे सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण उत्सव बताया।
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय में ब्रिक्स बाजार का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान की पुत्री जहरा पेज़ेशकियान का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह आयोजन ब्रिक्स देशों के बीच आपसी सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था।
केंद्रीय मंत्री ने जहरा पेज़ेशकियान को बाजार का भ्रमण कराया और उन्हें ब्रिक्स सदस्य तथा साझेदार देशों द्वारा प्रस्तुत की गई विविध कलाकृतियों और शिल्पकलाओं से परिचित कराया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न देशों की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को साझा करने का अवसर भी प्राप्त किया।
सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, अन्नपूर्णा देवी ने इस आयोजन को कला और संस्कृति का एक अद्भुत संगम बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स बाजार जैसे मंच न केवल हस्तशिल्प को बढ़ावा देते हैं, बल्कि सदस्य देशों के बीच आपसी संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने में भी सहायक सिद्ध होते हैं।
ब्रिक्स बाजार के माध्यम से भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान सदस्य देशों की सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर लाने का प्रयास किया है। इस आयोजन में शामिल विभिन्न देशों की कलात्मक प्रस्तुतियां और शिल्प कौशल आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे।
मंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान से देशों के बीच की दूरियां कम होती हैं। उन्होंने ब्रिक्स देशों के बीच इस प्रकार के सांस्कृतिक उत्सवों को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
यह आयोजन ब्रिक्स 2026 की गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, जिसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय में आयोजित इस प्रदर्शनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हस्तशिल्प की पहचान को भी रेखांकित किया है।
अंत में, केंद्रीय मंत्री ने इस आयोजन की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी प्रतिभागी देशों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स बाजार के माध्यम से जो सांस्कृतिक संवाद स्थापित हुआ है, वह भविष्य में सदस्य देशों के बीच सहयोग को और अधिक मजबूत करेगा।
