ताज़ा अपडेटनगीना चुनाव में धांधली के आरोपों पर मायावती और चंद्रशेखर आजाद के बीच जुबानी जंग
Vimarsh Naarad TV logoस्वतंत्र डिजिटल न्यूज़Vimarsh–Naarad TVखबर • विमर्श • जनता की आवाज़
डिजिटल संस्करणYouTube
समाचार श्रेणियां

नगीना चुनाव में धांधली के आरोपों पर मायावती और चंद्रशेखर आजाद के बीच जुबानी जंग

बसपा सुप्रीमो मायावती ने आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद पर नगीना लोकसभा चुनाव में धांधली से जीत हासिल करने का आरोप लगाया है। इसके जवाब में चंद्रशेखर ने पलटवार करते हुए कहा कि मायावती को जो लिखकर दिया जाता है, वह वही पढ़ देती हैं।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में नगीना लोकसभा चुनाव के परिणामों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मायावती का दावा है कि चंद्रशेखर ने नगीना सीट से चुनाव में धांधली करके जीत हासिल की है।

मायावती ने अपने बयान में आरोप लगाया कि इस जीत के पीछे भारतीय जनता पार्टी की पर्दे के पीछे से मिलीभगत रही है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि परिणाम निष्पक्ष नहीं थे। इन आरोपों ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।

इन आरोपों का जवाब देते हुए चंद्रशेखर आजाद ने मायावती पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मायावती को जो कुछ भी लिखकर दिया जाता है, वह बिना सोचे-समझे उसे पढ़ देती हैं। चंद्रशेखर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे निराधार बताया है।

अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच का यह विवाद अब सार्वजनिक हो चुका है। मायावती और चंद्रशेखर के बीच की यह जुबानी जंग नगीना चुनाव के नतीजों के बाद और तेज हो गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। दोनों ही नेता दलित राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।

मायावती ने जहां भाजपा पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं, वहीं चंद्रशेखर ने अपनी जीत को जनता का जनादेश बताया है। उन्होंने कहा कि उनकी जीत पूरी तरह से लोकतांत्रिक तरीके से हुई है।

यह विवाद स्पष्ट करता है कि नगीना लोकसभा सीट के परिणाम दोनों दलों के लिए कितने महत्वपूर्ण थे। आने वाले समय में इस मुद्दे पर और अधिक राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।

फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर लगाए गए ये आरोप राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊमूल रिपोर्ट देखें ↗