नवी मुंबई में एक्सपायरी सामान पर नई तारीख चिपकाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, लाखों का स्टॉक जब्त
नवी मुंबई के तुर्भे एमआईडीसी इलाके में क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक्सपायरी डेट बदलने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया है। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने मौके से 75 लाख रुपये से अधिक का खाद्य सामग्री का स्टॉक बरामद किया है। इस मामले में 12 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है, जो पुराने सामान को नई तारीखों के साथ विदेश भेजने की तैयारी में थे।
VIMARSHNAARAD TVनवी मुंबई के तुर्भे एमआईडीसी क्षेत्र में क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जो एक्सपायरी हो चुके खाद्य उत्पादों पर नई तारीखें चिपकाकर उन्हें बाजार में खपाने का काम कर रहा था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक कंपनी में बड़े पैमाने पर नियमों को ताक पर रखकर सामान की पैकिंग बदली जा रही है।
क्राइम ब्रांच की टीम ने जब संबंधित कंपनी के परिसर में छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। वहां भारी मात्रा में खाद्य सामग्री मौजूद थी, जिसकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। गिरोह के सदस्य इन पुराने उत्पादों पर नई तारीखें अंकित कर रहे थे ताकि उन्हें सुरक्षित बताकर बेचा जा सके।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस सामान को केवल स्थानीय बाजार में ही नहीं, बल्कि विदेश भेजने की भी योजना थी। यह एक गंभीर सुरक्षा चूक है क्योंकि एक्सपायरी खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके से 75.21 लाख रुपये मूल्य का स्टॉक जब्त कर लिया है।
इस मामले में कुल 12 लोगों के खिलाफ पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया शुरू की है। इन सभी पर धोखाधड़ी और जन स्वास्थ्य को खतरे में डालने के आरोप लगाए गए हैं। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह गिरोह कब से इस गोरखधंधे में लिप्त था और इसके तार कहां-कहां जुड़े हुए हैं।
स्थानीय प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग भी इस घटना के बाद सतर्क हो गया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी खाद्य उत्पाद को खरीदने से पहले उसकी पैकिंग और एक्सपायरी डेट की अच्छी तरह जांच कर लें।
फिलहाल, जब्त किए गए सामान के नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। इस कार्रवाई ने खाद्य सुरक्षा के मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।