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नासिक की शिक्षिका कुंदा बच्छाव को मिला नेशनल टीचर्स अवॉर्ड, नवाचारों से बदली शिक्षा की तस्वीर

महाराष्ट्र के नासिक स्थित क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले विद्यामंदिर की शिक्षिका कुंदा बच्छाव को इस वर्ष के प्रतिष्ठित 'नेशनल टीचर्स अवॉर्ड' के लिए चुना गया है। बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने स्कूल में शिक्षण के दौरान कई अनूठे प्रयोग किए हैं, जिससे छात्रों की सीखने की क्षमता में सुधार हुआ है। उनके इस नवाचारी योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है और उन्हें इस सम्मान से नवाजा जा रहा है।

शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली शिक्षिकाओं में नासिक की कुंदा बच्छाव का नाम अब प्रमुखता से लिया जा रहा है। बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें इस साल के 'नेशनल टीचर्स अवॉर्ड' के लिए चयनित किया गया है। यह पुरस्कार उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारों और समर्पण का परिणाम है।

कुंदा बच्छाव नासिक के म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले विद्यामंदिर में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने स्कूल में शिक्षण के दौरान कई ऐसे प्रयोग किए हैं, जिन्होंने न केवल छात्रों की रुचि बढ़ाई है बल्कि उनके सीखने के अनुभव को भी अधिक प्रभावी बनाया है।

बीबीसी हिंदी के अनुसार, कुंदा बच्छाव की शिक्षण पद्धति में रचनात्मकता का समावेश रहा है। उन्होंने कक्षा में पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का सहारा लिया, जिससे बच्चों को जटिल विषयों को समझने में आसानी हुई।

उनके द्वारा किए गए इन प्रयोगों का सकारात्मक असर छात्रों के प्रदर्शन पर भी देखने को मिला है। स्कूल के माहौल में आए इस बदलाव ने न केवल छात्रों को प्रेरित किया, बल्कि अन्य शिक्षकों के लिए भी एक उदाहरण पेश किया है।

नेशनल टीचर्स अवॉर्ड के लिए उनका चयन इस बात का प्रमाण है कि जमीनी स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी शिक्षा की गुणवत्ता में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। कुंदा बच्छाव का यह सम्मान पूरे नासिक और राज्य के लिए गर्व का विषय है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी उनके प्रयासों की सराहना की है। उनका मानना है कि कुंदा बच्छाव जैसे शिक्षक ही भविष्य की पीढ़ी को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यह पुरस्कार न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों को मान्यता देता है, बल्कि सरकारी स्कूलों में कार्यरत उन सभी शिक्षकों को प्रोत्साहित करता है जो अपनी मेहनत से शिक्षा की तस्वीर बदलने में जुटे हैं।

स्रोत

मूल संदर्भ

01BBC News हिंदीमूल रिपोर्ट देखें ↗