नीट यूजी 2026: दिल्ली हाईकोर्ट का एनटीए को निर्देश, दो गवाह अभ्यर्थियों का परिणाम 24 घंटे में जारी करें
दिल्ली हाईकोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को नीट यूजी 2026 के दो अभ्यर्थियों का परिणाम एक दिन के भीतर घोषित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ये छात्र सीबीआई की चार्जशीट में आरोपी नहीं बल्कि गवाह हैं। इसके साथ ही, अदालत ने इन छात्रों को काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने की भी अनुमति प्रदान कर दी है।
VIMARSHNAARAD TVनीट यूजी 2026 परीक्षा से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को बड़ी राहत देते हुए दो अभ्यर्थियों के परिणाम जारी करने का आदेश दिया है। अदालत ने एजेंसी को निर्देश दिया है कि वह अगले 24 घंटों के भीतर इन छात्रों का परीक्षा परिणाम घोषित करे। यह निर्णय उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जिनके परिणाम एजेंसी द्वारा रोक दिए गए थे।
मामले की सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जिन दो अभ्यर्थियों के परिणाम रोके गए थे, वे सीबीआई की चार्जशीट में किसी भी प्रकार के आरोपी नहीं हैं। जांच एजेंसी ने उन्हें केवल गवाह के रूप में चिह्नित किया है। इस तथ्य को संज्ञान में लेते हुए अदालत ने एनटीए की कार्रवाई पर सवाल उठाए और परिणाम जारी करने का आदेश दिया।
न्यायालय ने केवल परिणाम जारी करने का ही निर्देश नहीं दिया, बल्कि इन छात्रों को काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने की भी अनुमति दे दी है। इस आदेश से उन छात्रों के लिए आगे की पढ़ाई का रास्ता साफ हो गया है जो परीक्षा में शामिल होने के बावजूद परिणामों के अभाव में अनिश्चितता का सामना कर रहे थे।
गौरतलब है कि नीट यूजी परीक्षा को लेकर हाल के समय में कई तरह की कानूनी चुनौतियां सामने आई हैं। सीबीआई की जांच के दायरे में आए मामलों में एनटीए द्वारा की गई कार्रवाई पर अक्सर अदालती हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी है। इस मामले में भी कोर्ट ने यह सुनिश्चित किया कि निर्दोष छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो।
अदालत का यह रुख उन सभी छात्रों के लिए एक सकारात्मक संकेत है जो जांच प्रक्रिया के दौरान अनावश्यक रूप से प्रभावित हो रहे थे। अब एनटीए को निर्धारित समय सीमा के भीतर इन छात्रों का स्कोरकार्ड उपलब्ध कराना होगा।
इस आदेश के बाद अब संबंधित छात्र काउंसलिंग के अगले चरणों में अपनी दावेदारी पेश कर सकेंगे। यह निर्णय न केवल छात्रों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि परीक्षा संचालन संस्थाओं को भी अधिक सावधानी बरतने का संदेश देता है।
फिलहाल, एनटीए की ओर से इस आदेश के अनुपालन की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। छात्रों और उनके अभिभावकों ने अदालत के इस त्वरित निर्णय का स्वागत किया है, जिससे उनकी शैक्षणिक यात्रा में आने वाली बाधा दूर हो गई है।