ताज़ा अपडेटनेपाल-चीन सीमा पर ग्यिरोंग क्रॉसिंग बहाल, बाढ़ से तबाह हुए मार्ग की मरम्मत के बाद आवाजाही शुरू
Vimarsh Naarad TV logoस्वतंत्र डिजिटल न्यूज़Vimarsh–Naarad TVखबर • विमर्श • जनता की आवाज़
डिजिटल संस्करणYouTube
समाचार श्रेणियां

नेपाल-चीन सीमा पर ग्यिरोंग क्रॉसिंग बहाल, बाढ़ से तबाह हुए मार्ग की मरम्मत के बाद आवाजाही शुरू

चीन ने नेपाल से जुड़ने वाले ग्यिरोंग बॉर्डर क्रॉसिंग को फिर से चालू कर दिया है। हालिया बाढ़ के कारण जी-216 हाईवे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसकी मरम्मत के बाद अब भारी मशीनरी आपदा प्रभावित इलाकों तक पहुंच पा रही है। इस प्राकृतिक आपदा में नेपाल में 1114 लोगों की जान गई है, जबकि चीन में 16 लोगों की मौत और 546 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं।

चीन और नेपाल के बीच स्थित ग्यिरोंग सीमा क्रॉसिंग को फिर से खोल दिया गया है। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, भारी बाढ़ के कारण जी-216 हाईवे को काफी नुकसान पहुंचा था, जिसके चलते आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई थी। सड़क की मरम्मत का काम पूरा होने के बाद अब राहत और बचाव कार्यों के लिए भारी मशीनों को आपदा प्रभावित क्षेत्रों तक भेजना संभव हो गया है।

इस आपदा ने दोनों देशों में भारी तबाही मचाई है। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 1114 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। वहीं, चीन के सीमावर्ती इलाकों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। चीनी अधिकारियों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, वहां 16 लोगों की जान गई है और 546 लोग अभी भी लापता हैं।

लापता लोगों की सूची में भारतीय और लातवियाई पर्यटक भी शामिल हैं, जिनकी तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है। बाढ़ के कारण हाईवे का एक बड़ा हिस्सा बह गया था, जिससे सीमा पार व्यापार और संपर्क टूट गया था। मरम्मत कार्य पूरा होने से अब सीमा पर सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करना प्राथमिकता थी ताकि प्रभावित क्षेत्रों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा सके। आपदा के बाद से ही दोनों देशों की टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। हालांकि, लापता लोगों की बढ़ती संख्या ने चिंता बढ़ा दी है।

क्षेत्र में अभी भी मौसम की स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। जी-216 हाईवे का खुलना राहत सामग्री और बचाव उपकरणों की आवाजाही के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और आम नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि आपदा के बाद पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

फिलहाल, सीमा पर आवाजाही शुरू होने से फंसे हुए लोगों को निकालने और राहत कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस आपदा के बाद प्रभावितों की मदद के लिए सहयोग की अपील की जा रही है। चीन और नेपाल के अधिकारी स्थिति पर लगातार समन्वय बनाए हुए हैं ताकि भविष्य में ऐसी चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।

स्रोत

मूल संदर्भ

01Aaj Takमूल रिपोर्ट देखें ↗