नेपाल में हाइड्रोपावर सुरंगों में फंसे 900 से अधिक लोग, बचाव के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद जारी
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में 900 से अधिक कर्मचारी फंस गए हैं। बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, इन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की विशेषज्ञ टीमें नेपाल पहुंच चुकी हैं। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है ताकि सुरंगों में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके।
VIMARSHNAARAD TVनेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने गंभीर संकट पैदा कर दिया है। बीबीसी हिंदी के अनुसार, अचानक आए जलप्रलय के कारण देश की कई जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में 900 से अधिक कर्मचारी फंस गए हैं। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब बाढ़ का पानी अचानक सुरंगों के भीतर घुस गया, जिससे वहां काम कर रहे लोग बाहर निकलने का रास्ता नहीं ढूंढ पाए।
इस आपदा की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सहायता मांगी है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की विशेष बचाव टीमें नेपाल पहुंच गई हैं। ये टीमें सुरंगों के भीतर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए अपने तकनीकी कौशल और उपकरणों का उपयोग कर रही हैं।
बचाव अभियान में सबसे बड़ी चुनौती सुरंगों के भीतर जमा मलबा और पानी का तेज बहाव है। बचाव दल लगातार स्थिति का आकलन कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके। स्थानीय प्रशासन भी राहत कार्यों में पूरी तरह जुटा हुआ है।
सुरंगों के भीतर फंसे लोगों के परिजनों में भारी चिंता का माहौल है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके बचाव कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय टीमों के आने से उम्मीद जगी है कि जल्द ही सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।
नेपाल की भौगोलिक स्थिति और जलविद्युत परियोजनाओं की प्रकृति के कारण ऐसी आपदाओं का जोखिम हमेशा बना रहता है। फिलहाल, पूरी प्राथमिकता सुरंगों में फंसे लोगों की जान बचाने पर केंद्रित है।
अधिकारियों ने बताया है कि बचाव दल लगातार सुरंगों के अंदर ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, बाढ़ के कारण संचार और परिवहन के साधनों में भी बाधा आ रही है।
आने वाले घंटों में बचाव अभियान की गति और तेज होने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मौजूदगी से बचाव कार्यों में नई तकनीक और बेहतर समन्वय देखने को मिल रहा है।
पूरे देश की नजरें इस बचाव अभियान पर टिकी हैं। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है।