पति के निधन के बाद हेमलता ने संभाली जिम्मेदारी, मछली व्यवसाय से बनीं आत्मनिर्भर
महाराष्ट्र के ठाणे की हेमलता खरातमल ने पति के निधन के बाद हिम्मत नहीं हारी। सरकारी ऋण योजना की मदद से उन्होंने मछली बेचने का व्यवसाय शुरू किया और आज वे हर महीने 40 से 50 हजार रुपये कमाकर अपने परिवार का सहारा बनी हैं।

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कलवा की रहने वाली हेमलता दिलीप खरातमल ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी, लेकिन उन्होंने अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने का दृढ़ संकल्प लिया। आज वे एक सफल उद्यमी के रूप में अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं।
हेमलता को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की सावधि ऋण योजना के बारे में एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता से जानकारी मिली। उन्होंने लिडकॉम कार्यालय के माध्यम से वित्तीय सहायता के लिए आवेदन किया और 25 नवंबर 2024 को उन्हें 3.75 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने ठाणे के पोखरण रोड पर मछली बेचने का व्यवसाय शुरू किया।
अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने इस व्यवसाय को आजीविका का एक भरोसेमंद साधन बना लिया है। उनकी मासिक आय अब 40,000 से 50,000 रुपये के बीच है। इस कमाई से वे न केवल अपने परिवार की दैनिक जरूरतें पूरी कर रही हैं, बल्कि अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा भी दिला पा रही हैं।
हेमलता ने इस वित्तीय सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस मदद ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। उन्होंने बताया कि कड़ी मेहनत के जरिए वे एक स्थिर आजीविका बनाने में सफल रही हैं और अब आत्मविश्वास के साथ अपने बच्चों के भविष्य की ओर देख रही हैं।
उनकी यह कहानी साबित करती है कि साहस और सही समय पर मिली सरकारी मदद से कोई भी व्यक्ति कठिन परिस्थितियों को सफलता में बदल सकता है। हेमलता आज न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अपने परिवार के लिए एक मजबूत आधारशिला भी बनी हुई हैं।
