पद्मावत फिल्म के जौहर दृश्य पर लेखक प्रकाश कपाडिया ने दी प्रतिक्रिया, स्वरा भास्कर के सवालों पर चर्चा
फिल्म पद्मावत के जौहर दृश्य को लेकर मचे विवाद और अभिनेत्री स्वरा भास्कर द्वारा उठाए गए सवालों पर सह-लेखक प्रकाश कपाडिया ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस दृश्य की आलोचना के बाद स्वरा भास्कर को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। अब फिल्म के लेखक ने इस पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए अपनी बात रखी है।
VIMARSHNAARAD TVसंजय लीला भंसाली की चर्चित फिल्म पद्मावत लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। फिल्म के एक विशेष दृश्य, जिसमें जौहर को दिखाया गया है, पर काफी बहस हुई थी। इस दृश्य को लेकर अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे, जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था।
अब इस मामले पर फिल्म के सह-लेखक प्रकाश कपाडिया ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, कपाडिया ने फिल्म के उस विवादास्पद दृश्य और उससे जुड़े घटनाक्रमों पर अपनी बात रखी है। उन्होंने उन सवालों का जवाब देने का प्रयास किया है जो फिल्म की रिलीज के बाद से ही लगातार उठाए जा रहे थे।
स्वरा भास्कर ने फिल्म के उस दृश्य पर आपत्ति जताई थी जिसमें रानी पद्मावती को जौहर करते हुए दिखाया गया था। उनका तर्क था कि यह दृश्य महिलाओं के प्रति एक विशेष दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर दो धड़े बन गए थे और अभिनेत्री को काफी विरोध का सामना करना पड़ा था।
प्रकाश कपाडिया ने इस पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए फिल्म के लेखन और उसके पीछे के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि फिल्म के निर्माण के दौरान किन पहलुओं को ध्यान में रखा गया था। लेखक की यह टिप्पणी उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो फिल्म के उस दृश्य के पीछे के तर्क को समझना चाहते थे।
फिल्म पद्मावत अपनी भव्यता और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण काफी लोकप्रिय रही है, लेकिन साथ ही यह विवादों से भी घिरी रही। जौहर का दृश्य फिल्म का एक भावनात्मक हिस्सा माना जाता है, जिसे लेकर अलग-अलग लोगों की अलग-अलग राय रही है।
लेखक की इस नई प्रतिक्रिया के बाद एक बार फिर फिल्म के उस दृश्य पर चर्चा शुरू हो गई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, कपाडिया ने बहुत ही सधे हुए शब्दों में अपनी बात रखी है ताकि फिल्म के संदर्भ को सही तरीके से समझा जा सके।
यह देखना दिलचस्प होगा कि लेखक के इस स्पष्टीकरण के बाद सोशल मीडिया पर चल रही बहस किस दिशा में आगे बढ़ती है। फिलहाल, फिल्म के सह-लेखक का यह बयान इस पुराने विवाद को एक नया मोड़ देता नजर आ रहा है।