पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के फैसले पर उठे सवाल, पूर्व खिलाड़ियों ने की तीखी आलोचना
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सात खिलाड़ियों और दो कोच को वापस बुला लिया है। इस निर्णय पर पूर्व क्रिकेटरों ने नाराजगी जताई है। मिकी आर्थर ने बोर्ड के इस कदम को हास्यास्पद करार दिया है।
VIMARSHNAARAD TVइंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिली हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम में उथल-पुथल मची हुई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने बड़ा फैसला लेते हुए सात खिलाड़ियों और दो कोच को बीच सीरीज से ही स्वदेश वापस बुलाने का निर्णय लिया है। बोर्ड के इस कदम के बाद से ही पाकिस्तान क्रिकेट जगत में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
पूर्व खिलाड़ियों ने पीसीबी के इस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है। उनका मानना है कि इस तरह के अचानक लिए गए फैसलों से टीम का मनोबल गिरता है और खिलाड़ियों के करियर पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पूर्व कोच मिकी आर्थर ने तो बोर्ड के इस निर्णय को सीधे तौर पर हास्यास्पद बताया है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि सीरीज के बीच में खिलाड़ियों को वापस बुलाना किसी भी टीम के लिए सामान्य प्रक्रिया नहीं है। इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान क्रिकेट में चल रही आंतरिक खींचतान को भी उजागर कर दिया है। फिलहाल, बोर्ड के इस फैसले के बाद से ही चारों तरफ से आलोचनाओं का दौर जारी है।
पीसीबी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूर्व दिग्गजों ने कहा है कि हार के बाद इस तरह की जल्दबाजी में लिए गए निर्णय टीम के भविष्य के लिए ठीक नहीं हैं। खिलाड़ियों के साथ इस तरह का व्यवहार खेल भावना के विपरीत माना जा रहा है।
इस पूरे मामले पर बोर्ड की ओर से अभी तक कोई विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं आया है, लेकिन पूर्व खिलाड़ियों की नाराजगी ने पीसीबी को बैकफुट पर ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर और अधिक विवाद होने की संभावना जताई जा रही है।
पाकिस्तान क्रिकेट के प्रशंसक भी सोशल मीडिया पर अपनी निराशा व्यक्त कर रहे हैं। वे टीम के खराब प्रदर्शन के साथ-साथ बोर्ड के प्रबंधन पर भी सवाल उठा रहे हैं।
कुल मिलाकर, इंग्लैंड सीरीज के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का यह कदम विवादों के घेरे में आ गया है। अब देखना यह होगा कि बोर्ड इस आलोचना का सामना कैसे करता है और आगे क्या कदम उठाता है।