पीएमओ फर्जी आईडी मामला: पूछताछ के बाद आरोपी के पिता का पत्रकारों के साथ हुआ विवाद
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से संबंधित फर्जी आईडी मामले में पुलिस ने आरोपी रोहन के पिता प्रेमल पारेख से लंबी पूछताछ की। तीन घंटे तक चली इस पूछताछ के बाद जब प्रेमल पारेख बाहर निकले, तो उन्होंने मीडियाकर्मियों के सवालों का सामना करने के बजाय उनके साथ बदसलूकी की। एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना ने मामले में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
VIMARSHNAARAD TVप्रधानमंत्री कार्यालय के नाम पर फर्जी आईडी बनाने के मामले में जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। इस प्रकरण में पुलिस ने आरोपी रोहन के पिता प्रेमल पारेख को पूछताछ के लिए बुलाया था। एनडीटीवी इंडिया के मुताबिक, पुलिस ने उनसे करीब तीन घंटे तक गहन सवाल-जवाब किए। इस दौरान मामले से जुड़ी कई कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया गया।
पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब प्रेमल पारेख पुलिस स्टेशन से बाहर आए, तो वहां मौजूद पत्रकारों ने उनसे मामले से जुड़े सवाल पूछने की कोशिश की। हालांकि, स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब पारेख ने सवालों का जवाब देने के बजाय पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार किया।
रिपोर्ट के अनुसार, पारेख ने मीडियाकर्मियों पर हाथ उठाने का प्रयास किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस घटना ने पहले से ही चर्चा में चल रहे इस फर्जी आईडी मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस फर्जीवाड़े में परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल थे या उन्हें इस बारे में कोई जानकारी थी। तीन घंटे की पूछताछ में पुलिस ने पारेख से रोहन की गतिविधियों और उसके संपर्कों के बारे में विस्तृत जानकारी ली है।
अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की तह तक जाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। आरोपी के पिता का इस तरह का व्यवहार जांच प्रक्रिया में बाधा डालने जैसा माना जा रहा है, हालांकि पुलिस ने अभी तक इस पर कोई औपचारिक कानूनी कार्रवाई की घोषणा नहीं की है।
फिलहाल, पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पीएमओ के नाम का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया था। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां या पूछताछ संभव है।
मीडिया के साथ हुई इस बदसलूकी के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। जांच एजेंसियां अब इस बात पर भी गौर कर रही हैं कि आरोपी के पिता का यह आक्रामक रवैया किसी दबाव के कारण था या वे कुछ छिपाने का प्रयास कर रहे थे।