पीएम मोदी के सामने बजा 'हनुमान अंश' का 'पार्वती' गाना, निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने साझा किया अनुभव
दिल्ली में आयोजित एक भजन क्लबिंग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में फिल्म 'हनुमान अंश' का 'पार्वती' गीत प्रस्तुत किया गया। इस विशेष अवसर पर फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने अपनी फिल्म के संगीत को बजते हुए सुनने के अनुभव को साझा किया और इसे अपने करियर के लिए एक यादगार पल बताया।
VIMARSHNAARAD TVहाल ही में दिल्ली में एक भजन क्लबिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यक्रम के दौरान फिल्म 'हनुमान अंश' का लोकप्रिय गीत 'पार्वती' बजाया गया। यह क्षण फिल्म की पूरी टीम के लिए बेहद खास था, क्योंकि देश के प्रधानमंत्री की उपस्थिति में उनकी कला का प्रदर्शन हुआ।
फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने इस अनुभव पर अपनी खुशी जाहिर की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के सामने अपनी फिल्म के गाने को बजते हुए देखना उनके लिए गर्व का विषय है। विशाल के अनुसार, यह न केवल उनके काम की सराहना है, बल्कि भारतीय संस्कृति और संगीत के प्रति प्रधानमंत्री के लगाव को भी दर्शाता है।
विशाल चतुर्वेदी ने कहा कि एक निर्देशक के रूप में, जब आपकी रचना को इतने बड़े मंच पर और इतने सम्मानित व्यक्ति के सामने सराहा जाता है, तो वह प्रेरणा का स्रोत बन जाता है। उन्होंने इस कार्यक्रम के आयोजकों का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनकी फिल्म के संगीत को इस मंच तक पहुँचाया।
'हनुमान अंश' फिल्म के इस गाने ने पहले ही दर्शकों के बीच अपनी जगह बना ली है, लेकिन प्रधानमंत्री के सामने इसके प्रदर्शन ने इसे और अधिक चर्चा में ला दिया है। विशाल ने बताया कि यह अनुभव उनके करियर के सबसे यादगार पलों में से एक रहेगा।
कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों ने भी इस प्रस्तुति की सराहना की। भजन क्लबिंग जैसे आधुनिक स्वरूप में पारंपरिक गीतों का समावेश दर्शकों को काफी पसंद आया। विशाल चतुर्वेदी का मानना है कि इस तरह के आयोजन भारतीय कला और कलाकारों को प्रोत्साहित करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
निर्देशक ने यह भी कहा कि वे भविष्य में भी इसी तरह की सार्थक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध फिल्में बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री की उपस्थिति ने न केवल फिल्म की टीम का मनोबल बढ़ाया है, बल्कि उन्हें और बेहतर काम करने की प्रेरणा भी दी है।
यह घटना फिल्म जगत और राजनीतिक नेतृत्व के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का एक उदाहरण है। विशाल चतुर्वेदी के लिए यह एक ऐसा अनुभव है जिसे वे लंबे समय तक संजोकर रखेंगे।