पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने विशेष अभियान 6.0 की तैयारियां शुरू कीं, स्वच्छता और लंबित मामलों पर रहेगा जोर
जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने विशेष अभियान 6.0 की रूपरेखा तैयार कर ली है। यह अभियान 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा, जिसमें कार्यालयों में स्वच्छता और लंबित मामलों के समयबद्ध निपटान को प्राथमिकता दी जाएगी। विभाग ने पिछले महीनों में हजारों जन शिकायतों और संसदीय संदर्भों का सफलतापूर्वक समाधान किया है। इस बार ई-कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
VIMARSHNAARAD TVजल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने विशेष अभियान 6.0 के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक पूरे विभाग में संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देना और लंबित प्रशासनिक मामलों का तेजी से निपटान करना है।
विभाग ने पिछले विशेष अभियानों की सफलता को आधार बनाते हुए अपनी कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया है। पिछले वर्ष नवंबर से अगस्त 2026 के बीच विभाग ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इस दौरान सांसदों से प्राप्त 67 संदर्भों, 21 संसदीय आश्वासनों और 13 राज्य सरकारों के संदर्भों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है।
जन शिकायतों के निपटान में भी विभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है। आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में 10,378 जन शिकायतों और 2,346 जन शिकायत अपीलों का निपटान किया गया है। इसके अलावा, 11 प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) संदर्भों और 3 कैबिनेट प्रस्तावों का भी समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित किया गया है। इन सभी गतिविधियों की निगरानी डीएआरपीजी के पोर्टल के माध्यम से की जा रही है।
विशेष अभियान 6.0 की एक प्रमुख विशेषता ई-कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन है। विभाग ने तय किया है कि ई-कचरे के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निपटान के लिए निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। इससे न केवल कार्यालयों में स्थान प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल कार्यस्थल प्रथाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
विभाग का मानना है कि यह अभियान स्वच्छता को दैनिक कार्यप्रणाली का एक अनिवार्य हिस्सा बनाने में मदद करेगा। पारदर्शिता और दक्षता को प्राथमिकता देते हुए, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को दोहरा रहा है। यह पहल सरकारी कामकाज में जवाबदेही और तेजी लाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।