प्रधानमंत्री की उज़्बेकिस्तान यात्रा: भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर बनी सहमति
प्रधानमंत्री की उज़्बेकिस्तान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदलने का निर्णय लिया है। इस दौरान संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन, वित्त और तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में 11 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा, यूपीआई भुगतान प्रणाली को उज़्बेकिस्तान में लागू करने और अरल सागर क्षेत्र के लिए वित्तीय सहायता जैसी प्रमुख घोषणाएं भी की गई हैं।
VIMARSHNAARAD TVप्रधानमंत्री की हालिया उज़्बेकिस्तान यात्रा के दौरान भारत और उज़्बेकिस्तान ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए इसे व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने की घोषणा की है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए 11 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों और समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों ने वर्ष 2026-30 के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम शुरू किया है। साथ ही, टर्मेज़ स्थित प्राचीन बौद्ध स्थलों फयाज़ टेपा और कारा टेपा के संरक्षण के लिए एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं। अभिलेखीय कार्यों में सहयोग के लिए भी एक समझौता ज्ञापन तैयार किया गया है।
आर्थिक और तकनीकी मोर्चे पर, भारत और उज़्बेकिस्तान ने वित्त, खनन, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। विशेष रूप से, भारत के एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और उज़्बेकिस्तान के नेशनल इंटरबैंक प्रोसेसिंग सेंटर के बीच हुए समझौते से भारतीय यूपीआई ऐप्स के माध्यम से उज़्बेकिस्तान में क्यूआर कोड आधारित भुगतान संभव हो सकेगा।
शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। दोनों देशों ने उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान में सहयोग के लिए समझौता किया है। इसके अतिरिक्त, हिंदी भाषा के लिए 100 लाल बहादुर शास्त्री छात्रवृत्तियां और ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में आईसीसीआर संस्कृत चेयर स्थापित करने की घोषणा की गई है।
राजनयिक संबंधों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान और उज़्बेकिस्तान की राजनयिक अकादमी के बीच भी एक समझौता हुआ है। साथ ही, भारत के गुजरात राज्य और उज़्बेकिस्तान के समरकंद क्षेत्र के बीच साझेदारी स्थापित करने के लिए एक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए भारत ने अरल सागर क्षेत्र में वृक्षारोपण कार्यों के लिए 10 लाख अमरीकी डॉलर का अनुदान देने की घोषणा की है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों, जैसे आयुर्वेद, में भी सहयोग के नए द्वार खोलती है।
ये सभी समझौते और घोषणाएं भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच बढ़ते विश्वास और साझा विकास के लक्ष्यों को दर्शाती हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों के भविष्य के संबंधों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।