प्रधानमंत्री ने अच्छे चरित्र और सदाचार के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
प्रधानमंत्री कार्यालय प्रधानमंत्री ने अच्छे चरित्र और सदाचार के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया प्रविष्टि तिथि: 06 OCT 2026 10:00AM by PIB Delhi प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अच्छे चरित्र और सदाचार के महत्व को दर्शाने वाला एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है। “ ज्ञानवांश्च तथा वाग्मि कर्मस्वपि च निश्चितः। ” एवं युक्तोऽपि न श्रेयान् यद
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प्रधानमंत्री ने अच्छे चरित्र और सदाचार के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
प्रविष्टि तिथि: 06 OCT 2026 10:00AM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अच्छे चरित्र और सदाचार के महत्व को दर्शाने वाला एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है। “ ज्ञानवांश्च तथा वाग्मि कर्मस्वपि च निश्चितः। ” एवं युक्तोऽपि न श्रेयान् यदि शीलविवर्जितः॥ ” अर्थात जो व्यक्ति बुद्धिमान, वाक्पटु और अच्छे चरित्र एवं सदाचार से युक्त होता है, वही वास्तव में श्रेष्ठ कहलाता है। प्रधानमंत्री ने एक्‍स पोस्ट किया: ज्ञानवांश्च तथा वाग्मि कर्मस्वपि च निश्चितः। एवं युक्तोऽपि न श्रेयान् यदि शीलविवर्जितः॥ ज्ञानवांश्च तथा वाग्मी कर्मस्वपि च निष्ठितः। एवं युक्तोऽपि न श्रेयान् यदि शीलविवर्जितः॥ https://t.co/zy52VOPp0M — Narendra Modi (@narendramodi) October 6, 2026 *** पीके / केसी /आरटी/बीयू/ एसके
(रिलीज़ आईडी: 2319447)
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यह जानकारी Press Information Bureau की आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित है। मूल दस्तावेज़ और पूरा संदर्भ नीचे दिए गए स्रोत लिंक पर पढ़ा जा सकता है।
