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प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की 45 मिनट की मुलाकात ने वैश्विक स्तर पर खींचा सबका ध्यान

रूस के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच 45 मिनट तक गहन चर्चा हुई। एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने स्वयं इस महत्वपूर्ण बैठक की जानकारी साझा की। भारत और रूस के बीच दशकों पुराने रणनीतिक संबंधों का जिक्र करते हुए अतीत के रक्षा सहयोग का भी उल्लेख किया गया, जिसमें मिग 25 आरबी विमानों की गुप्त खरीद का ऐतिहासिक उदाहरण शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की 45 मिनट की मुलाकात ने वैश्विक स्तर पर खींचा सबका ध्यान
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Prime Minister's Office · GODL-India · Wikimedia Commons

रूस की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई 45 मिनट की बैठक ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा बटोरी है। एनडीटीवी इंडिया के अनुसार, प्रधानमंत्री ने खुद इस मुलाकात के बारे में जानकारी दी, जिसे वैश्विक राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

दोनों नेताओं के बीच हुई यह बातचीत भारत और रूस के बीच गहरे और भरोसेमंद संबंधों को दर्शाती है। इस मुलाकात के दौरान द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई, जो दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक कदम है।

भारत और रूस की दोस्ती का इतिहास काफी पुराना और मजबूत रहा है। इस संबंध की गहराई को रेखांकित करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच का तालमेल किसी परिचय का मोहताज नहीं है। यह साझेदारी समय की कसौटी पर हमेशा खरी उतरी है।

इस ऐतिहासिक मित्रता का एक उदाहरण देते हुए बताया गया कि भारत ने अतीत में रूस से मिग 25 आरबी लड़ाकू विमानों की खरीद की थी। यह सौदा पूरी तरह से गोपनीय रखा गया था और दुनिया को इस रक्षा सौदे की जानकारी कई वर्षों के बाद मिल सकी थी।

यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास के स्तर को स्पष्ट करता है। रक्षा क्षेत्र में इस तरह का सहयोग भारत और रूस के बीच दशकों से चले आ रहे रणनीतिक जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा और राष्ट्रपति पुतिन के साथ हुई उनकी चर्चा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत और रूस के संबंध अपनी जगह अडिग हैं।

आने वाले समय में इस मुलाकात के परिणाम दोनों देशों के बीच रक्षा, कूटनीति और आर्थिक सहयोग को और अधिक विस्तार देने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं।

स्रोत

मूल संदर्भ

01NDTV Indiaमूल रिपोर्ट देखें ↗