प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक बरकरार रखने पर भारतीय पुरुष हॉकी टीम की सराहना की है। उन्होंने इसे एक असाधारण उपलब्धि बताते हुए कहा कि पहली बार पुरुष और महिला दोनों टीमों ने एक ही एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम को एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर हार्दिक बधाई दी है। पीआईबी की विज्ञप्ति के अनुसार, टीम ने फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने स्वर्ण पदक पर कब्जा बरकरार रखा है। प्रधानमंत्री ने इस जीत को खिलाड़ियों का एक असाधारण अभियान करार दिया है।
यह जीत भारतीय हॉकी के लिए ऐतिहासिक है क्योंकि टीम ने पहली बार एशियाई खेलों में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक हासिल किया है। कुल मिलाकर, यह भारतीय पुरुष हॉकी टीम की पांचवीं स्वर्णिम सफलता है। प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि को भारतीय खेल जगत के लिए गर्व का क्षण बताया है।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह विजय इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार पुरुष और महिला, दोनों भारतीय हॉकी टीमों ने एक ही एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारतीय हॉकी एशियाई मंच पर मजबूती के साथ अपना मस्तक ऊंचा करके खड़ी है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी अपनी खुशी साझा की। उन्होंने लिखा कि 2026 के एशियाई खेल भारतीय हॉकी के लिए बेहद विशेष रहे हैं। उन्होंने टीम के लगातार दो बार स्वर्ण पदक जीतने के जज्बे की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के समर्पण और कड़ी मेहनत को इस सफलता का श्रेय दिया है। उन्होंने कहा कि टीम का प्रदर्शन न केवल शानदार रहा, बल्कि इसने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
यह जीत भारतीय हॉकी के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। एशियाई खेलों में इस तरह का दबदबा भारतीय खिलाड़ियों के बढ़ते आत्मविश्वास और बेहतर प्रशिक्षण का परिणाम है।
खेल जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि पुरुष और महिला दोनों टीमों की यह सफलता आने वाले समय में अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी प्रेरणा का काम करेगी।
सरकार की ओर से खिलाड़ियों को मिली यह बधाई उनके मनोबल को और अधिक बढ़ाने का कार्य करेगी। पूरा देश इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मना रहा है।
