प्रयागराज के मांडा में पकड़ी गई 139 करोड़ की एमडी, अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का हुआ खुलासा
प्रयागराज के मांडा इलाके में एक खेत के भीतर नर्सरी की आड़ में चल रही अवैध ड्रग फैक्टरी का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने यहां से 139 करोड़ रुपये मूल्य की मेथामफेटामाइन (एमडी) बरामद की है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले ने एक बड़े अंतरराज्यीय नशीले पदार्थों के नेटवर्क की ओर इशारा किया है, जो कई राज्यों में फैला हुआ है। जांच एजेंसियां अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हैं।
VIMARSHNAARAD TVप्रयागराज जिले के मांडा क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नशीले पदार्थों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कोसड़ा कला गांव में स्थित एक खेत में नर्सरी की आड़ में अवैध रूप से एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्टरी संचालित की जा रही थी। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, इस छापेमारी में बरामद की गई मेथामफेटामाइन की कीमत लगभग 139 करोड़ रुपये आंकी गई है।
यह बरामदगी न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर फैले ड्रग माफियाओं के सक्रिय होने का संकेत देती है। अधिकारियों का मानना है कि यह अवैध कारोबार केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें देश के कई अन्य राज्यों में भी फैली हुई हैं। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस विभाग सतर्क हो गए हैं।
नर्सरी की आड़ में इस तरह की गतिविधियों का संचालन करना अपराधियों की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था। खेत के बीचों-बीच होने के कारण किसी को भी वहां चल रहे संदिग्ध काम की भनक नहीं लगी। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस फैक्टरी के लिए कच्चा माल कहां से आता था और तैयार माल को किन-किन राज्यों में सप्लाई किया जाता था।
इस मामले में शामिल लोगों की पहचान करने और उनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। ड्रग्स के इस बड़े जखीरे के पकड़े जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं, जो इस अंतरराज्यीय गिरोह के सरगनाओं तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। इस पूरे ऑपरेशन को मांडा पुलिस और संबंधित जांच इकाइयों की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल, बरामद की गई एमडी को जब्त कर लिया गया है और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इस अवैध फैक्टरी को चलाने के लिए किन लोगों ने जमीन उपलब्ध कराई थी और इसके पीछे कौन-कौन से प्रभावशाली लोग शामिल हो सकते हैं।
यह घटना युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों के बीच एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि ऐसे नेटवर्क को समय रहते रोका जा सके।