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प्रयागराज नगर निगम की बैठक में जलभराव पर हंगामा, अधिशासी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई की मांग

प्रयागराज नगर निगम की सदन बैठक में शहर में जलभराव और गंदगी की समस्या को लेकर पार्षदों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। महापौर और नगर आयुक्त के सामने पार्षदों ने अपनी नाराजगी जाहिर की और गंगा प्रदूषण इकाई के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बैठक के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण रही और पार्षदों ने व्यवस्था में सुधार की पुरजोर वकालत की।

प्रयागराज नगर निगम की बृहस्पतिवार को आयोजित सदन की बैठक हंगामेदार रही। शहर में व्याप्त जलभराव और गंदगी की समस्याओं को लेकर पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा। बैठक के दौरान पार्षदों ने नगर आयुक्त और महापौर के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

पार्षदों का मुख्य आरोप था कि शहर की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह से विफल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हल्की बारिश में भी सड़कों पर पानी भर जाता है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गंदगी के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

इस दौरान पार्षदों ने गंगा प्रदूषण इकाई के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। पार्षदों ने मांग की कि एक्सईएन के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए।

बैठक में महापौर और नगर आयुक्त को पार्षदों की तीखी बहस का सामना करना पड़ा। पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि जलभराव की समस्या का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो वे और अधिक कड़ा रुख अपनाएंगे। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

प्रशासनिक अधिकारियों ने पार्षदों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम की इस बैठक ने शहर की बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को उजागर कर दिया है। पार्षदों का आक्रोश इस बात का संकेत है कि जनता की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधि अब और अधिक सक्रिय हो रहे हैं।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन पार्षदों की मांगों पर क्या कदम उठाता है। शहर की जल निकासी और सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद अब नगर निगम के आगामी निर्णयों पर टिकी है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजमूल रिपोर्ट देखें ↗