ताज़ा अपडेटप्रयागराज: बांग्लादेशी डॉक्टर की गिरफ्तारी में देरी पर बड़ी कार्रवाई, दो पुलिस अधिकारी निलंबित
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प्रयागराज: बांग्लादेशी डॉक्टर की गिरफ्तारी में देरी पर बड़ी कार्रवाई, दो पुलिस अधिकारी निलंबित

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक बांग्लादेशी डॉक्टर को हिरासत में लेने के बाद चार दिनों तक गिरफ्तारी न दिखाने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। मेजा थाने के प्रभारी और अतिरिक्त प्रभारी को अपनी जिम्मेदारी में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कदम उठाया है।

प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में एक बांग्लादेशी डॉक्टर को पकड़े जाने के बाद उसे चार दिनों तक थाने में बिठाए रखने का मामला सामने आया है। इस दौरान पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी को आधिकारिक रूप से दर्ज नहीं किया था, जो कि नियमों का उल्लंघन माना गया है।

इस मामले में लापरवाही बरतने के लिए मेजा थाने के प्रभारी और अतिरिक्त प्रभारी पर गाज गिरी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जांच के बाद थाना प्रभारी जितेंद्र शुक्ला और अतिरिक्त प्रभारी कमलेश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम ने डॉक्टर को हिरासत में तो लिया था, लेकिन कानूनी प्रक्रिया का पालन करने में देरी की गई। चार दिनों तक गिरफ्तारी न दिखाए जाने के कारण विभागीय स्तर पर सवाल खड़े हुए थे।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पुलिस को किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लेने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इस मामले में देरी के कारण पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा था।

निलंबन की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

फिलहाल, इस पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गिरफ्तारी दिखाने में इतनी देरी क्यों हुई। संबंधित अधिकारियों को अपनी सफाई देने का अवसर भी दिया जा सकता है।

पुलिस विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी बारीकी से नजर रखी जा रही है।

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