प्रयागराज: वीआईपी ड्यूटी से नदारद मिले 40 पुलिसकर्मी, कमिश्नर ने लिया सख्त एक्शन
प्रयागराज में 14 सितंबर को हाईकोर्ट में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 40 पुलिसकर्मियों को वीआईपी ड्यूटी से गायब पाया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस कमिश्नर ने इन सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
VIMARSHNAARAD TVप्रयागराज में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। बीते 14 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शिरकत की थी। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
हालांकि, कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात 40 पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी से गायब मिले। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नर ने इन सभी 40 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने का आदेश जारी कर दिया है।
अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, वीआईपी ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति को अनुशासनहीनता माना गया है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति वाले कार्यक्रमों में सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होता है, लेकिन इन कर्मियों ने अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया।
यह कार्रवाई अन्य पुलिसकर्मियों के लिए एक कड़ा संदेश है। पुलिस विभाग में इस तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, विशेषकर जब मामला राज्य के शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा से जुड़ा हो। संबंधित अधिकारियों ने ड्यूटी रोस्टर की जांच के बाद यह निर्णय लिया है।
लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों को अब अपनी तैनाती के स्थान से हटाकर पुलिस लाइन में रिपोर्ट करना होगा। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की जा सकती है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे ड्यूटी के समय कहां थे और किस कारण से अनुपस्थित रहे।
प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरतने का प्रयास कर रहा है। सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही को रोकने के लिए भविष्य में ड्यूटी के दौरान सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इस घटना ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि भविष्य में आयोजित होने वाले वीआईपी कार्यक्रमों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद रहे और कोई भी कर्मी अपनी जिम्मेदारी से न भागे।