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प्रीति जिंटा का पैपराजी कल्चर पर तंज: सोशल मीडिया के दौर में निजता का महत्व

अभिनेत्री प्रीति जिंटा इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'वाइब' के प्रमोशन में व्यस्त हैं। इस दौरान उन्होंने पैपराजी कल्चर और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर खुलकर बात की। प्रीति ने माना कि आज के दौर में सितारों की निजता का दायरा काफी सिमट गया है। उन्होंने पैपराजी के व्यवहार और सोशल मीडिया की दखलंदाजी पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए इसे एक बड़ा बदलाव बताया।

प्रीति जिंटा का पैपराजी कल्चर पर तंज: सोशल मीडिया के दौर में निजता का महत्व
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Ash Gupta · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons

बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा लंबे समय बाद अपनी आगामी फिल्म 'वाइब' के साथ चर्चा में हैं। फिल्म के प्रमोशन के दौरान, उन्होंने न केवल अपने काम के बारे में बात की, बल्कि वर्तमान फिल्म उद्योग में आए बड़े बदलावों पर भी अपने विचार साझा किए। प्रीति ने विशेष रूप से पैपराजी कल्चर और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर अपनी राय रखी।

प्रीति का मानना है कि उनके शुरुआती दौर और आज के समय में बहुत अंतर आ गया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में सितारों की निजी जिंदगी पर पैपराजी की नजरें हर वक्त रहती हैं। सोशल मीडिया के आने से यह दखलंदाजी और भी बढ़ गई है, जिससे कलाकारों की निजता प्रभावित हो रही है।

अभिनेत्री ने पैपराजी के व्यवहार पर निशाना साधते हुए कहा कि कभी-कभी यह सब बहुत अधिक हो जाता है। उन्होंने महसूस किया कि आज के दौर में हर छोटी-बड़ी गतिविधि को कैमरे में कैद करने की होड़ मची है। प्रीति के अनुसार, यह स्थिति कलाकारों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो गई है क्योंकि उन्हें हर समय सार्वजनिक नजरों में रहना पड़ता है।

प्रीति ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया ने प्रशंसकों और सितारों के बीच की दूरी तो कम की है, लेकिन इसके साथ ही निजता का सम्मान भी कम हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कलाकारों को भी एक सामान्य इंसान की तरह अपनी निजी जिंदगी जीने का अधिकार है।

अपनी फिल्म 'वाइब' के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद कैमरे के सामने लौटना उनके लिए एक सुखद अनुभव रहा है। हालांकि, काम के साथ-साथ उन्हें बदलते हुए फिल्म उद्योग के माहौल को समझने में भी समय लग रहा है।

प्रीति जिंटा का यह बयान सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं और मान रहे हैं कि निजता का सम्मान करना बेहद जरूरी है। वहीं, कुछ लोग इसे बदलते समय की मांग बता रहे हैं।

अंत में, प्रीति ने कहा कि वह अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं और उम्मीद करती हैं कि दर्शक उनकी फिल्म 'वाइब' को पसंद करेंगे। उन्होंने पैपराजी से भी एक संतुलित व्यवहार की अपेक्षा जताई है ताकि कलाकार और मीडिया के बीच एक स्वस्थ संबंध बना रहे।

स्रोत

मूल संदर्भ

01एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजालामूल रिपोर्ट देखें ↗