फिल्म 'टॉक्सिक' में अश्लीलता और नफरत दिखाने पर भड़के के. अन्नामलाई, सीबीएफसी की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
फिल्म 'टॉक्सिक' को लेकर 'वी द लीडर्स' के संस्थापक के. अन्नामलाई ने कड़ी आपत्ति जताई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने फिल्म में महिलाओं को अश्लील तरीके से दिखाने और नफरत फैलाने वाले दृश्यों की आलोचना की है। अन्नामलाई ने फिल्म को प्रमाण पत्र देने के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।
VIMARSHNAARAD TVफिल्म 'टॉक्सिक' के कंटेंट को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। 'वी द लीडर्स' के संस्थापक के. अन्नामलाई ने फिल्म में दिखाए गए दृश्यों पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने फिल्म में महिलाओं के चित्रण को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
अन्नामलाई का कहना है कि फिल्म में महिलाओं को जिस तरह से कामुक और अश्लील तरीके से पेश किया गया है, वह समाज के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर पानी फिर जाता है।
इसके अलावा, उन्होंने फिल्म में नफरत फैलाने वाले तत्वों के होने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्में समाज में गलत संदेश देती हैं और नफरत को बढ़ावा देती हैं।
इस मामले में उन्होंने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीबीएफसी की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसी फिल्म को प्रमाण पत्र कैसे दिया गया।
अन्नामलाई के अनुसार, सीबीएफसी को फिल्म के कंटेंट की बारीकी से जांच करनी चाहिए थी। उन्होंने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की सामग्री को मंजूरी देना चिंताजनक है।
फिल्म 'टॉक्सिक' को लेकर हो रही इस आलोचना ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है। लोग इस मुद्दे पर अपनी अलग-अलग राय रख रहे हैं।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अन्नामलाई ने फिल्म निर्माताओं से जिम्मेदारी से काम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सिनेमा का उपयोग समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किया जाना चाहिए, न कि नफरत फैलाने के लिए।
यह पहली बार नहीं है जब किसी फिल्म के कंटेंट को लेकर सीबीएफसी की आलोचना हुई हो। हालांकि, अन्नामलाई के इस बयान ने फिल्म जगत में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है।