फिल्म 'दायरा' के ट्रेलर लॉन्च पर करीना कपूर ने कहा, पुरुषों को भी अपनी भावनाएं व्यक्त करनी चाहिए
अभिनेत्री करीना कपूर ने फिल्म 'दायरा' के ट्रेलर लॉन्च के दौरान पुरुषों की भावनात्मक अभिव्यक्ति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज में पुरुषों से हमेशा मजबूत बने रहने की उम्मीद की जाती है, लेकिन उन्हें भी रोने और अपनी भावनाओं को साझा करने की आजादी होनी चाहिए। करीना ने बताया कि वे अपने बेटों को भी यही सीख देती हैं।
हाल ही में फिल्म 'दायरा' के ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम में अभिनेत्री करीना कपूर ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अक्सर समाज में पुरुषों और लड़कों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे हर स्थिति में भावनात्मक रूप से मजबूत बने रहें। करीना ने इस धारणा को गलत बताते हुए कहा कि पुरुषों को भी अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का पूरा हक है।
करीना ने जोर देकर कहा कि अगर किसी पुरुष को रोने की जरूरत महसूस होती है, तो उसे रो लेना चाहिए। भावनाओं को दबाकर रखने के बजाय उन्हें बाहर निकालना मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि वे अपने दोनों बेटों को भी यही सिखाती हैं कि अपनी भावनाओं को साझा करने में कोई बुराई नहीं है।
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला के अनुसार, करीना का यह बयान उस सामाजिक ढांचे पर सवाल उठाता है जो पुरुषों को 'मजबूत' दिखाने के लिए उन्हें अपनी संवेदनाएं छिपाने पर मजबूर करता है। उन्होंने माना कि यह बदलाव की शुरुआत है और लोगों को इस बारे में अधिक खुलकर बात करनी चाहिए।
फिल्म 'दायरा' के ट्रेलर लॉन्च के दौरान करीना का यह अंदाज काफी चर्चा में रहा। उन्होंने न केवल फिल्म के बारे में बात की, बल्कि एक संवेदनशील विषय पर अपनी स्पष्ट राय भी रखी। करीना का मानना है कि एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए पुरुषों का भावनात्मक रूप से संवेदनशील होना भी आवश्यक है।
करीना की यह सलाह उनके प्रशंसकों और सोशल मीडिया पर काफी सराही जा रही है। लोग उनके इस विचार से सहमत दिख रहे हैं कि भावनाओं का कोई लिंग नहीं होता और हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है।
यह पहली बार नहीं है जब करीना ने किसी सामाजिक विषय पर अपनी बात रखी हो। वे अक्सर अपने विचारों को लेकर मुखर रहती हैं और अपने निजी जीवन के अनुभवों को भी साझा करती हैं।
फिल्म 'दायरा' के ट्रेलर लॉन्च के मौके पर करीना का यह संदेश न केवल फिल्म के प्रचार का हिस्सा बना, बल्कि इसने एक गंभीर सामाजिक चर्चा को भी जन्म दिया है।
