फिल्म पद्मावत पर स्वरा भास्कर ने फिर दोहराया अपना रुख, दुष्कर्म पीड़िता के संदर्भ में दी सफाई
अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने फिल्म पद्मावत की रिलीज के समय लिखे अपने चर्चित पत्र को लेकर फिर से बात की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस पत्र का उद्देश्य क्या था और दुष्कर्म पीड़िता के संदर्भ में उन्होंने क्या कहना चाहा था। स्वरा ने अपने पुराने तर्कों को दोहराते हुए फिल्म की कहानी और उसके संदेश पर सवाल उठाए हैं, जो उस समय काफी चर्चा में रहे थे।
VIMARSHNAARAD TVबॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने एक बार फिर फिल्म पद्मावत को लेकर अपनी पुरानी टिप्पणी पर चर्चा की है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, स्वरा ने उस पत्र का जिक्र किया जो उन्होंने फिल्म के रिलीज होने के बाद निर्देशक संजय लीला भंसाली को लिखा था। इस पत्र ने उस समय काफी विवाद पैदा किया था और अब अभिनेत्री ने इसके पीछे के अपने वास्तविक इरादों को स्पष्ट करने का प्रयास किया है।
स्वरा ने अपने बयान में कहा कि उनके पत्र का गलत अर्थ निकाला गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था, बल्कि फिल्म के कथानक और उसमें दिखाए गए जौहर के दृश्य पर एक तार्किक सवाल उठाना था। उन्होंने कहा कि वे केवल यह पूछना चाहती थीं कि क्या सिनेमाई चित्रण में महिलाओं की स्थिति को सही ढंग से पेश किया गया है।
दुष्कर्म पीड़िता के संदर्भ में बात करते हुए स्वरा ने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी का अपमान नहीं किया। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि भगवान न करे कि वे खुद कभी ऐसी स्थिति का सामना करें। उनका तर्क था कि एक महिला के रूप में वे केवल यह जानना चाहती थीं कि क्या फिल्म में महिलाओं के संघर्ष को सही परिप्रेक्ष्य में दिखाया गया है या नहीं।
अभिनेत्री ने जोर देकर कहा कि कला और सिनेमा पर सवाल उठाना एक स्वस्थ चर्चा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पद्मावत जैसी फिल्मों में ऐतिहासिक घटनाओं को जिस तरह से दिखाया जाता है, उस पर बहस की गुंजाइश हमेशा रहती है। स्वरा के अनुसार, उनका पत्र केवल एक रचनात्मक आलोचना थी जिसे उस समय के माहौल में अलग तरह से पेश किया गया था।
स्वरा ने यह भी कहा कि वे अपने विचारों पर आज भी कायम हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य समाज में महिलाओं के प्रति नजरिए पर बात करना था। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी ऐसे मुद्दों पर अपनी राय रखने से पीछे नहीं हटेंगी, भले ही उस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं क्यों न आएं।
अंत में, स्वरा ने कहा कि वे चाहती हैं कि लोग उनके पत्र को उसी संदर्भ में देखें जिसमें उन्होंने लिखा था। उन्होंने कहा कि किसी भी फिल्म की कहानी पर सवाल उठाना किसी के व्यक्तिगत जीवन पर हमला नहीं है। स्वरा का यह बयान एक बार फिर सोशल मीडिया और फिल्म जगत में चर्चा का विषय बन गया है।