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फिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता के बीच निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने बयां किया ओटीटी रिजेक्शन का दर्द

फिल्म 'हनुमान अंश' की शानदार कमाई के बीच निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया है। उन्होंने बताया कि किस तरह एक समय ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने उनकी फिल्म को रिजेक्ट कर दिया था और उस दौरान उनके साथ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। अब निर्देशक ने बॉलीवुड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

फिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता के बीच निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने बयां किया ओटीटी रिजेक्शन का दर्द
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: pankaj.vashisht · Public Domain Mark · Openverse

फिल्म 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर अपनी सफलता का परचम लहरा रही है। फिल्म की बंपर कमाई के बीच इसके निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने एक कड़वा अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि फिल्म के निर्माण के दौरान उन्हें किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।

विशाल चतुर्वेदी के अनुसार, फिल्म रिलीज से पहले उन्होंने इसे कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को दिखाया था, लेकिन वहां से उन्हें निराशा ही हाथ लगी। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने फिल्म को रिजेक्ट कर दिया था। निर्देशक ने आरोप लगाया कि रिजेक्शन के दौरान उनके साथ जिस भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह काफी अपमानजनक थी।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना ने निर्देशक को काफी आहत किया था। उन्होंने कहा कि एक कलाकार के रूप में इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं की जाती। अब जब फिल्म दर्शकों को पसंद आ रही है और अच्छी कमाई कर रही है, तो उन्होंने बॉलीवुड की कार्यप्रणाली और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं।

निर्देशक का कहना है कि बॉलीवुड में कई बार प्रतिभा को परखने के बजाय पूर्वाग्रहों के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को कंटेंट की गुणवत्ता को प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि किसी के साथ अपमानजनक व्यवहार करना चाहिए।

'हनुमान अंश' की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर कहानी में दम हो, तो दर्शक उसे जरूर सराहते हैं। विशाल चतुर्वेदी का यह अनुभव फिल्म जगत के उन संघर्षों को दर्शाता है जो अक्सर पर्दे के पीछे रह जाते हैं।

निर्देशक ने बॉलीवुड से यह सवाल पूछा है कि क्या रिजेक्शन के समय इस्तेमाल की गई भाषा और रवैया उचित था? उन्होंने इस मुद्दे को उठाकर फिल्म इंडस्ट्री में व्याप्त कथित भेदभाव और संवेदनहीनता की ओर इशारा किया है।

विशाल चतुर्वेदी की यह आपबीती सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग उनके संघर्ष की सराहना कर रहे हैं और बॉलीवुड में बदलाव की मांग कर रहे हैं। यह घटना फिल्म जगत में काम करने वाले नए कलाकारों के लिए एक सबक की तरह है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजालामूल रिपोर्ट देखें ↗