बरेली: अवैध निर्माण पर लगाम लगाने के लिए बीडीए अपनाएगा एआई तकनीक, सॉफ्टवेयर विकसित करने की तैयारी
बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) अब शहर में हो रहे अवैध निर्माणों की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सहारा लेगा। बीडीए उपाध्यक्ष ने इस दिशा में निर्देश जारी कर दिए हैं। शुरुआत में इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्राधिकरण के एक जोन में लागू किया जाएगा, जिसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है।
VIMARSHNAARAD TVबरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने अवैध निर्माणों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए नई तकनीक अपनाने का निर्णय लिया है। प्राधिकरण अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सॉफ्टवेयर का उपयोग करेगा, जो अवैध निर्माण गतिविधियों की पहचान करने में मदद करेगा। बीडीए उपाध्यक्ष ने इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, यह तकनीक शहर में अनधिकृत निर्माणों की निगरानी को और अधिक सटीक बनाएगी। वर्तमान में, अवैध निर्माणों की पहचान के लिए प्राधिकरण को मैन्युअल निरीक्षण पर निर्भर रहना पड़ता है, जिसमें समय और संसाधनों की अधिक खपत होती है। एआई के उपयोग से इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति आएगी।
इस पहल को पहले एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। प्राधिकरण ने इसे अपने एक जोन में प्रायोगिक तौर पर शुरू करने की योजना बनाई है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे शहर के अन्य हिस्सों में भी विस्तारित किया जाएगा। वर्तमान में, इस परियोजना के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है।
यह सॉफ्टवेयर सैटेलाइट इमेज या अन्य डिजिटल डेटा का विश्लेषण करके निर्माण कार्यों में होने वाले बदलावों को ट्रैक करेगा। इससे प्राधिकरण को यह पता लगाने में आसानी होगी कि कहां पर बिना अनुमति के निर्माण कार्य चल रहा है। इस कदम से न केवल अवैध निर्माणों पर रोक लगेगी, बल्कि शहर की नियोजित विकास प्रक्रिया को भी बल मिलेगा।
बीडीए का मानना है कि तकनीक का यह समावेश भविष्य में शहरी नियोजन के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण साबित होगा। प्राधिकरण के अधिकारी इस सॉफ्टवेयर के विकास और कार्यान्वयन की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं ताकि इसे जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जा सके।