बरेली: आईवीआरआई पॉलीक्लीनिक में गाय की टूटी हड्डी को इंसानी प्लेट से सफलतापूर्वक जोड़ा गया
बरेली के आईवीआरआई पॉलीक्लीनिक में डॉक्टरों ने एक गाय की टूटी हुई हड्डी को जोड़ने के लिए इंसानों में इस्तेमाल होने वाली प्लेट का उपयोग किया है। यह संस्थान में किसी बड़े पशु की पहली सर्जरी थी। सफल ऑपरेशन के बाद अब गाय चलने-फिरने में पूरी तरह सक्षम है।
VIMARSHNAARAD TVबरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के पॉलीक्लीनिक में एक अनूठा ऑपरेशन किया गया है। यहाँ डॉक्टरों की एक टीम ने गाय की टूटी हुई हड्डी को ठीक करने के लिए ऐसी प्लेट का सहारा लिया, जिसे आमतौर पर मनुष्यों की सर्जरी में काम में लिया जाता है। यह चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रयोग माना जा रहा है।
संस्थान के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी बड़े पशु की इतनी जटिल सर्जरी पॉलीक्लीनिक में सफलतापूर्वक पूरी की गई। डॉक्टरों ने बताया कि गाय की हड्डी में गंभीर चोट थी, जिसे सामान्य उपचार से ठीक करना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में विशेषज्ञों ने इंसानी सर्जरी में प्रयुक्त होने वाली प्लेट लगाने का निर्णय लिया।
सर्जरी के बाद गाय की स्थिति में तेजी से सुधार देखा गया है। उपचार के परिणाम संतोषजनक रहे हैं और अब वह पशु चलने-फिरने में पहले की तरह सक्षम हो गया है। इस सफल ऑपरेशन ने पशु चिकित्सा के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं।
अमर उजाला ब्यूरो के अजीत प्रताप सिंह की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रक्रिया पशु स्वास्थ्य देखभाल में आधुनिक तकनीक के उपयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। आईवीआरआई के विशेषज्ञों की टीम ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को अंजाम देकर पशुओं के उपचार में एक नया मानक स्थापित किया है।
पशुपालकों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि अब गंभीर रूप से घायल बड़े पशुओं का इलाज भी उन्नत तरीके से संभव हो सकेगा। संस्थान की इस पहल की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना की जा रही है।
भविष्य में इस तरह की तकनीकों का उपयोग अन्य पशुओं के इलाज में भी किया जा सकता है। आईवीआरआई लगातार पशु चिकित्सा विज्ञान को बेहतर बनाने के लिए शोध और नवाचार पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
फिलहाल, सर्जरी के बाद गाय को विशेष निगरानी में रखा गया था, लेकिन अब वह पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रही है। यह उपलब्धि पशु चिकित्सा विज्ञान के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रही है।