बरेली: इफको यूरिया प्लांट में ठेका श्रमिक की मौत के बाद परिजनों का जोरदार प्रदर्शन
बरेली के इफको यूरिया प्लांट में एक ठेका श्रमिक की मृत्यु के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मृतक के स्वजनों ने प्लांट के मुख्य द्वार पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन और प्रबंधन द्वारा नौकरी व उचित मुआवजे का लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही परिजन शांत हुए और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने पर सहमत हुए।
VIMARSHNAARAD TVबरेली स्थित इफको यूरिया संयंत्र में एक ठेका कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु ने स्थानीय स्तर पर भारी आक्रोश पैदा कर दिया। घटना के तुरंत बाद मृतक के परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों ने संयंत्र के मुख्य द्वार पर जमा होकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने न्याय की मांग करते हुए शव को गेट के सामने ही रख दिया, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस विरोध प्रदर्शन के कारण संयंत्र के बाहर काफी समय तक गहमागहमी बनी रही। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। परिजनों का मुख्य आरोप था कि श्रमिक की मौत के बाद उचित सहायता और जवाबदेही तय नहीं की जा रही है।
परिजन मृतक के आश्रितों के लिए सरकारी नौकरी और पर्याप्त आर्थिक मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर सख्त रुख अपनाया। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वार्ता का दौर शुरू किया।
काफी देर तक चली बातचीत के बाद प्रबंधन और प्रशासन ने परिजनों की मांगों पर विचार करने का निर्णय लिया। अधिकारियों ने लिखित रूप में आश्वासन दिया कि परिवार को मुआवजा राशि दी जाएगी और मृतक के आश्रित को नौकरी दिलाने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
इस आश्वासन के मिलने के बाद ही प्रदर्शनकारी शांत हुए। प्रशासन के साथ बनी सहमति के उपरांत परिजनों ने शव को वहां से हटाया और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के लिए ले गए। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले ठेका श्रमिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।