बरेली में 'क्लासिक प्योर' पानी पर एफएसडीए की बड़ी कार्रवाई, बिक्री पर रोक और लाइसेंस निलंबित
बरेली में एफएसडीए ने 'क्लासिक प्योर' ब्रांड के पानी की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। जांच में पानी के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिनमें कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया, यीस्ट और मोल्ड की मौजूदगी पाई गई। इसके अलावा टीडीएस, कैल्शियम और मैग्नीशियम का स्तर भी निर्धारित मानकों के विपरीत मिला। विभाग ने कंपनी का खाद्य लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जिससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश के बरेली में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 'क्लासिक प्योर' ब्रांड के पानी की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। विभाग ने कंपनी का खाद्य लाइसेंस भी निलंबित कर दिया है। यह निर्णय पानी के नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद लिया गया, जिसमें उत्पाद को स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाया गया।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, जांच के दौरान पानी के नमूनों में कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। इसके अतिरिक्त, पानी में यीस्ट और मोल्ड जैसे हानिकारक तत्व भी पाए गए हैं। ये तत्व मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं, जिसके कारण प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की है।
जांच में केवल बैक्टीरिया ही नहीं, बल्कि पानी के रासायनिक गुणों में भी भारी खामियां मिली हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पानी में टीडीएस (कुल घुलित ठोस), कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। ये मानक पानी की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य होते हैं।
एफएसडीए के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मानकों का उल्लंघन करने वाले किसी भी उत्पाद को बाजार में बिकने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 'क्लासिक प्योर' के मामले में नियमों की अनदेखी को देखते हुए विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। लाइसेंस निलंबन के बाद अब कंपनी तब तक अपना उत्पाद नहीं बेच सकेगी जब तक वह सभी सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं कर लेती।
प्रशासन ने स्थानीय दुकानदारों और वितरकों को भी निर्देश दिए हैं कि वे इस ब्रांड के पानी का स्टॉक तुरंत हटा दें। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी सेहत को ध्यान में रखते हुए इस ब्रांड के पानी का उपयोग न करें।
यह कार्रवाई आम जनता की सेहत के प्रति प्रशासन की सतर्कता को दर्शाती है। एफएसडीए की टीम लगातार बाजार में बिकने वाले खाद्य और पेय पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी कर रही है ताकि मिलावट या असुरक्षित उत्पादों पर लगाम लगाई जा सके।
फिलहाल, इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि भविष्य में अन्य ब्रांडों में भी ऐसी खामियां पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी।