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बरेली में टाइपिंग टेस्ट में तीन बार फेल होने पर कनिष्ठ सहायक का डिमोशन, चतुर्थ श्रेणी में किया गया स्थानांतरित

बरेली में एक कनिष्ठ सहायक को टाइपिंग टेस्ट में तीन बार असफल होने के कारण डिमोशन का सामना करना पड़ा है। जिलाधिकारी ने उसे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त, राजस्व वसूली की रकम को अपने निजी खाते में जमा करने के आरोपी एक अन्य बाबू की सेवा भी समाप्त कर दी गई है।

बरेली जिले में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। अमर उजाला ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, जिलाधिकारी ने कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात एक कर्मचारी के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। यह कर्मचारी निर्धारित टाइपिंग टेस्ट में तीन बार प्रयास करने के बावजूद सफल नहीं हो सका था।

टाइपिंग परीक्षा में लगातार असफलता को देखते हुए जिलाधिकारी ने उसे डिमोट करने का निर्णय लिया। अब वह कनिष्ठ सहायक के पद पर नहीं रहेगा और उसे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कार्य करना होगा। यह आदेश प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से दिया गया है।

इसी के साथ एक अन्य मामले में भी प्रशासन ने कठोर रुख अपनाया है। राजस्व वसूली की रकम को सरकारी खाते के बजाय अपने निजी बैंक खाते में जमा करने के आरोपी एक बाबू की सेवा समाप्त कर दी गई है। उस पर वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप थे।

जिलाधिकारी ने इन दोनों मामलों में आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन कार्रवाइयों से विभाग में हड़कंप मच गया है।

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि कनिष्ठ सहायक के लिए टाइपिंग दक्षता एक अनिवार्य योग्यता है। बार-बार अवसर देने के बाद भी यदि कोई कर्मचारी इसमें विफल रहता है, तो उसे उस पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।

वहीं, राजस्व वसूली के मामले में की गई कार्रवाई को वित्तीय शुचिता बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया गया है। सरकारी धन का दुरुपयोग करना एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए संबंधित कर्मचारी को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।

जिलाधिकारी के इन फैसलों को सरकारी कामकाज में सुधार और जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भविष्य में भी इस तरह की अनियमितताओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला ब्यूरो, बरेलीमूल रिपोर्ट देखें ↗