बरेली में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्मार्ट सिटी की सड़कें बनीं तालाब, पॉश कॉलोनियां भी जलमग्न
बरेली में मूसलाधार बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। सुभाषनगर, सिविल लाइंस और राजेंद्रनगर जैसी पॉश कॉलोनियों में पानी भरने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि कई निवासियों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
VIMARSHNAARAD TVबरेली शहर में हुई भारी बारिश ने स्मार्ट सिटी के दावों की पोल खोल दी है। शहर के प्रमुख इलाकों में जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। सड़कों पर पानी भरने से आवागमन बाधित हो गया है और लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, सुभाषनगर, सिकलापुर और रेजीडेंसी गार्डन जैसे क्षेत्रों में पानी सड़कों पर जमा हो गया है। स्थिति इतनी विकट है कि पानी घरों के अंदर तक घुस गया है, जिससे निवासियों को अपना सामान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
राजेंद्रनगर, रामपुर बाग और सिविल लाइंस जैसी पॉश कॉलोनियों में भी जलभराव की समस्या देखी गई है। इन इलाकों में पानी भरने से स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि स्मार्ट सिटी के दावों के बावजूद जल निकासी की व्यवस्था विफल साबित हुई है।
मढ़ीनाथ, हजियापुर और मॉडल टाउन के निवासियों को भी भारी जलभराव का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर हो गए हैं। बारिश के कारण हुए इस जलभराव ने शहर की बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर कर दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद हर बार यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। जलभराव के कारण बिजली आपूर्ति और अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेना शुरू कर दिया है, लेकिन फिलहाल लोगों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। जलभराव के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे स्थानीय निवासियों की चिंता और अधिक बढ़ गई है।
शहर के विभिन्न हिस्सों से सामने आई तस्वीरों में सड़कों को तालाब में तब्दील होते देखा जा सकता है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में जल निकासी के लिए प्रयास शुरू करने का आश्वासन दिया है, लेकिन आम जनता को अभी भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।