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बरेली में मलेरिया का खतरा बढ़ा: मीरगंज और फतेहगंज पश्चिमी इलाके बने नए हॉटस्पॉट

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में मलेरिया के प्रसार को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। पहले से प्रभावित क्षेत्रों के अलावा अब मीरगंज और फतेहगंज पश्चिमी इलाके में मच्छरों के पनपने के नए केंद्र सामने आए हैं। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में ब्रीडिंग साइट्स में बदलाव को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है।

बरेली जिले में मलेरिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा जानकारी के अनुसार, मच्छरों के हॉटस्पॉट यानी ब्रीडिंग साइट्स में बदलाव देखा गया है। अब मीरगंज और फतेहगंज पश्चिमी इलाके मलेरिया के नए खतरे वाले क्षेत्रों के रूप में उभरे हैं।

इससे पहले आंवला, भमोरा, रामनगर और फरीदपुर जैसे क्षेत्रों को मलेरिया के लिए हॉटस्पॉट माना गया था। लेकिन अब मच्छरों के पनपने के स्थान बदल रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ रहा है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, इन नए हॉटस्पॉट वाले इलाकों में मच्छरों की ब्रीडिंग साइट्स की पहचान की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि बदलते मौसम और जलभराव के कारण मच्छरों की संख्या में वृद्धि हो सकती है।

स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है। प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव जैसी गतिविधियों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को भी अपने आसपास सफाई रखने की सलाह दी जा रही है।

मलेरिया के लक्षणों को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। बुखार या अन्य लक्षण महसूस होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच कराने की अपील की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इन इलाकों में घर-घर जाकर सर्वे भी कर सकती हैं।

ब्रीडिंग साइट्स का बदलना इस बात का संकेत है कि मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां अब नए इलाकों में बन रही हैं। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके।

बरेली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों से सहयोग की अपेक्षा की गई है ताकि मलेरिया के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अजीत प्रताप सिंह, अमर उजाला ब्यूरो, बरेलीमूल रिपोर्ट देखें ↗