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बरेली में रामगंगा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में निर्माण के लिए अब सिंचाई विभाग की एनओसी अनिवार्य

बरेली विकास प्राधिकरण ने रामगंगा के बाढ़ क्षेत्र में नए निर्माणों को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। अब किसी भी भवन का नक्शा पास कराने के लिए सिंचाई विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी होगा। यह निर्णय सिंचाई विभाग द्वारा हाल ही में किए गए हाई फ्लड जोन के नए सीमांकन के बाद लिया गया है, ताकि अवैध निर्माणों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने शहर के रामगंगा नदी के बाढ़ क्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्यों को लेकर नियमों में बदलाव किया है। अब इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के भवन निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया में सिंचाई विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम क्षेत्र में अनियोजित और अवैध निर्माणों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय सिंचाई विभाग द्वारा किए गए हाई फ्लड जोन के नए सीमांकन के बाद लिया गया है। इस नए सीमांकन के तहत उन क्षेत्रों को स्पष्ट रूप से चिह्नित किया गया है जो भविष्य में बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। अब बीडीए इन संवेदनशील इलाकों में बिना उचित अनुमति के किसी भी निर्माण योजना को मंजूरी नहीं देगा।

इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बाढ़ के दौरान होने वाले संभावित नुकसान को कम करना है। अक्सर देखा गया है कि बाढ़ क्षेत्र में अवैध रूप से निर्माण कर लिए जाते हैं, जिससे न केवल संपत्ति का नुकसान होता है, बल्कि जान-माल का खतरा भी बना रहता है। अब एनओसी की अनिवार्यता से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि केवल सुरक्षित क्षेत्रों में ही निर्माण कार्य हो रहे हैं।

संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार, बीडीए ने अपनी मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया में इन नए मानकों को शामिल कर लिया है। अब जो भी व्यक्ति या संस्था रामगंगा के बाढ़ क्षेत्र में निर्माण करना चाहती है, उसे पहले सिंचाई विभाग के पास आवेदन करना होगा। विभाग द्वारा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति की जांच के बाद ही एनओसी जारी की जाएगी, जिसके आधार पर बीडीए आगे की कार्रवाई करेगा।

स्थानीय प्रशासन का मानना है कि इस सख्ती से अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों पर अंकुश लगेगा। पहले कई बार बिना उचित जांच के नक्शे पास होने की शिकायतें सामने आती थीं, लेकिन अब सिंचाई विभाग की तकनीकी रिपोर्ट को अनिवार्य करने से प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।

यह नियम उन सभी आवेदकों पर लागू होगा जो रामगंगा के किनारे या उसके बाढ़ संभावित क्षेत्रों में अपनी जमीन पर निर्माण करना चाहते हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना एनओसी के जमा किए गए किसी भी नक्शे को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इस पहल से बरेली के शहरी नियोजन में सुधार होने की उम्मीद है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी निर्माण से पहले नियमों की पूरी जानकारी लें और संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति प्राप्त करें ताकि भविष्य में उन्हें किसी कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्रोत

मूल संदर्भ

01संवाद न्यूज एजेंसी, बरेलीमूल रिपोर्ट देखें ↗