बरेली में 267 हेक्टेयर में विकसित होगी सप्तनाथ इको सिटी, नाथ नगरी की विरासत का दिखेगा संगम
उत्तर प्रदेश के बरेली में 'सप्तनाथ इको सिटी' का निर्माण किया जाएगा, जो 267 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली होगी। इस परियोजना में सप्त नाथ मंदिरों की थीम पर आधारित पार्क विकसित किए जाएंगे। शहर के इस नए हरित विस्तार में त्रिनेत्र और त्रिशूल जैसे धार्मिक प्रतीकों को प्रमुखता से दर्शाया जाएगा, जिससे बरेली की नाथ नगरी की विरासत को आधुनिक विकास के साथ जोड़ा जा सके।
VIMARSHNAARAD TVबरेली में एक नई और महत्वाकांक्षी परियोजना 'सप्तनाथ इको सिटी' को आकार देने की तैयारी शुरू हो गई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, यह इको सिटी कुल 267 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बरेली की सांस्कृतिक विरासत, विशेष रूप से नाथ नगरी की पहचान को आधुनिक शहरी विकास के साथ जोड़ना है।
इस इको सिटी की सबसे बड़ी विशेषता इसके पार्क होंगे, जिन्हें सप्त नाथ मंदिरों की थीम पर तैयार किया जाएगा। इन पार्कों के माध्यम से बरेली के धार्मिक महत्व को एक नया स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। यह न केवल शहर के हरित क्षेत्र में वृद्धि करेगा, बल्कि पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए एक आकर्षण का केंद्र भी बनेगा।
परियोजना के प्रवेश द्वार पर विशेष ध्यान दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इको सिटी के द्वार पर त्रिनेत्र और त्रिशूल के प्रतीक स्थापित किए जाएंगे। ये प्रतीक बरेली की नाथ नगरी के रूप में पहचान को दर्शाएंगे और आने वाले लोगों को शहर की आध्यात्मिक विरासत का अनुभव कराएंगे।
यह हरित विस्तार बरेली के विकास में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। 267 हेक्टेयर का क्षेत्र शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाने और निवासियों को एक स्वस्थ जीवन शैली प्रदान करने में मदद करेगा। परियोजना के तहत आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
सप्तनाथ इको सिटी का निर्माण बरेली की विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। नाथ नगरी के रूप में प्रसिद्ध बरेली अब अपनी इस पहचान को इको-फ्रेंडली विकास के साथ जोड़कर एक नई मिसाल पेश करने की तैयारी में है।
प्रशासन और संबंधित विभाग इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना बना रहे हैं। इस इको सिटी के बनने से बरेली के पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। लोग न केवल यहां की हरियाली का आनंद ले सकेंगे, बल्कि शहर के धार्मिक इतिहास से भी गहराई से जुड़ पाएंगे।
कुल मिलाकर, सप्तनाथ इको सिटी बरेली के लिए एक नई पहचान लेकर आएगी। यह परियोजना आधुनिक शहरी नियोजन और सांस्कृतिक संरक्षण का एक बेहतरीन उदाहरण बनने की क्षमता रखती है।