बलतेज पन्नू का विपक्ष पर निशाना, पंजाब के नहर के पानी के उपयोग पर मांगा स्पष्टीकरण
आम आदमी पार्टी के नेता बलतेज पन्नू ने अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस से सवाल किया है कि जब वे सत्ता में थे, तब पंजाब की नहरों का पानी कहां जा रहा था। उन्होंने बताया कि राज्य में ग्राउंडवॉटर रिचार्ज बढ़ा है, जिसमें बारिश और नहरों के पानी का महत्वपूर्ण योगदान है।
VIMARSHNAARAD TVआम आदमी पार्टी के नेता बलतेज पन्नू ने पंजाब की जल प्रबंधन नीति को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस से जवाब मांगा है कि उनके शासनकाल के दौरान पंजाब की नहरों का पानी किस तरह उपयोग किया जा रहा था।
पन्नू ने कहा कि विपक्षी दलों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब वे सत्ता में थे, तब नहरों के पानी का प्रबंधन कैसे किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने जल संसाधनों के सही उपयोग पर ध्यान नहीं दिया, जिससे राज्य को नुकसान उठाना पड़ा।
इसके साथ ही बलतेज पन्नू ने राज्य में भूजल स्तर को लेकर सकारात्मक जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पंजाब में ग्राउंडवॉटर रिचार्ज की दर में वृद्धि दर्ज की गई है। उनके अनुसार, कुल सालाना रिचार्ज 19.14 बिलियन क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया है।
इस रिचार्ज प्रक्रिया के स्रोतों पर प्रकाश डालते हुए पन्नू ने बताया कि इसमें बारिश का बड़ा योगदान है, जिससे 5.53 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिलता है। वहीं, नहरों के पानी का उपयोग करके 5.5 बिलियन क्यूबिक मीटर भूजल रिचार्ज करने में मदद मिली है।
पन्नू का कहना है कि वर्तमान सरकार जल संरक्षण के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नहरों के पानी का सही उपयोग करके ही राज्य के गिरते भूजल स्तर को सुधारा जा सकता है और सरकार इसी दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे केवल राजनीति कर रहे हैं, जबकि धरातल पर सरकार के प्रयासों से जल संसाधनों में सुधार देखने को मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि वर्तमान जल प्रबंधन नीतियां कारगर साबित हो रही हैं।
अंत में, बलतेज पन्नू ने कहा कि राज्य के भविष्य के लिए जल संरक्षण अनिवार्य है और सरकार इस जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभा रही है। उन्होंने विपक्षी दलों को सकारात्मक राजनीति करने और तथ्यों पर आधारित चर्चा करने की सलाह दी है।