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बांदा: मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने में नौ माह की देरी, कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश

बांदा में एक मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने में नौ महीने की अत्यधिक देरी का मामला सामने आया है। स्थायी लोक अदालत ने इस विलंब को सरकारी सेवा में गंभीर कमी माना है। अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। यह निर्णय प्रशासनिक लापरवाही के प्रति जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बांदा जिले में एक मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए परिवार को नौ महीने तक का लंबा इंतजार करना पड़ा। इस मामले में हुई अत्यधिक देरी को स्थायी लोक अदालत ने सेवा में कमी करार दिया है। अदालत ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित परिवार ने प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इसे जारी करने में नौ महीने का समय लग गया। इतनी लंबी अवधि तक प्रमाण-पत्र न मिलने से परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

मामले की सुनवाई करते हुए स्थायी लोक अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकारी सेवाओं में इस तरह की देरी स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही और सेवा में कमी माना है। इस निर्णय के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि आम नागरिकों के कार्यों में अनावश्यक विलंब करने वाले कर्मियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

अदालत ने संबंधित विभाग को आदेश दिया है कि वे इस मामले में जिम्मेदार कर्मचारी की पहचान करें और उनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। यह आदेश प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति लाने के उद्देश्य से दिया गया है।

स्थानीय स्तर पर इस फैसले की चर्चा हो रही है। लोगों का मानना है कि सरकारी दफ्तरों में फाइलों को लटकाए रखने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे सख्त कदम जरूरी हैं।

प्रमाण-पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के लिए आम जनता को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस मामले में अदालत का हस्तक्षेप यह सुनिश्चित करने के लिए है कि भविष्य में किसी भी नागरिक को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।

संबंधित विभाग अब अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है। उम्मीद है कि इस कार्रवाई के बाद विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और लोगों को समय पर सेवाएं मिल सकेंगी।

स्रोत

मूल संदर्भ

01न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदामूल रिपोर्ट देखें ↗