बारामती में प्रशिक्षण विमान रनवे से फिसला, कोई हताहत नहीं, डीजीसीए ने शुरू की जांच
महाराष्ट्र के बारामती में एक सेसना सी172 प्रशिक्षण विमान रनवे से बाहर निकल गया। घटना के समय विमान में एक प्रशिक्षक और एक प्रशिक्षु सवार थे, जो आपातकालीन लैंडिंग अभ्यास कर रहे थे। इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, हालांकि विमान को आंशिक नुकसान पहुंचा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की टीम मामले की विस्तृत जांच के लिए घटनास्थल पर पहुँच रही है।
VIMARSHNAARAD TVमहाराष्ट्र के बारामती हवाई क्षेत्र में 9 अगस्त 2026 को दोपहर के समय एक विमानन दुर्घटना हुई। एकेडमी ऑफ कार्वर एविएशन द्वारा संचालित एक सेसना सी172 विमान रनवे से बाहर निकल गया। यह घटना दोपहर करीब 12:25 बजे हुई, जब विमान प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान रनवे की सीमा से आगे निकल गया।
विमान में उस समय फ्लाइट इंस्ट्रक्टर कैप्टन चिराग शशिकांत डोइफोडे और प्रशिक्षु अभिजीत जुंद्रे सवार थे। वे सर्किट और लैंडिंग इमरजेंसी प्रशिक्षण अभ्यास को अंजाम दे रहे थे। विमान ने रनवे 29 और रनवे 11 पर टेक-ऑफ रद्द करने का अभ्यास किया था। इसी प्रक्रिया के दौरान विमान पक्की सतह पर रुकने में विफल रहा और दाहिनी ओर मुड़ते हुए रनवे से बाहर चला गया।
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई है और न ही किसी प्रकार का जान-माल का नुकसान हुआ है। हालांकि, विमान के नोज लैंडिंग गियर, इंजन कवर और प्रोपेलर को प्राथमिक जांच में क्षतिग्रस्त पाया गया है। नुकसान का सटीक आकलन संबंधित विशेषज्ञों द्वारा बाद में किया जाएगा।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। उनकी हवाई सुरक्षा टीम तत्काल प्रभाव से घटनास्थल पर रवाना हो गई है। टीम का मुख्य उद्देश्य उन परिस्थितियों और कारकों का पता लगाना है जिनकी वजह से यह हादसा हुआ।
डीजीसीए ने कहा है कि जांच पूरी होने और तथ्यों के सत्यापन के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। यह प्रशिक्षण उड़ान डीजीसीए द्वारा अनुमोदित एक उड़ान प्रशिक्षण संगठन द्वारा संचालित की जा रही थी।
फिलहाल, विमान को सुरक्षित करने और रनवे को पुनः सामान्य स्थिति में लाने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। विमानन सुरक्षा मानकों के अनुसार, इस तरह की घटनाओं का विश्लेषण भविष्य में ऐसी स्थितियों को रोकने के लिए किया जाता है।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। इस दौरान हवाई क्षेत्र में अन्य गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।