बिहार के कटिहार में बाढ़ से प्रभावित हुई शिक्षा, शिक्षकों ने घर-घर जाकर बच्चों को पढ़ाया
बिहार के कटिहार जिले में बाढ़ के कारण स्कूलों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। छात्रों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए शिक्षकों ने एक अनूठी पहल की है। वे अब बच्चों के घर जाकर या ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा प्रदान कर रहे हैं ताकि बाढ़ के इस कठिन समय में भी विद्यार्थियों का शैक्षणिक सत्र बाधित न हो और वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
VIMARSHNAARAD TVबिहार के कटिहार जिले में इन दिनों बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। जलभराव के कारण रास्तों के बंद होने से छात्र अपने विद्यालयों तक पहुंचने में असमर्थ हैं। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए शिक्षकों ने एक सराहनीय कदम उठाया है।
शिक्षकों ने तय किया है कि वे बच्चों की पढ़ाई को रुकने नहीं देंगे। इसके लिए उन्होंने घर-घर जाकर छात्रों को पढ़ाने का निर्णय लिया है। यह प्रयास उन बच्चों के लिए बहुत मददगार साबित हो रहा है जो बाढ़ के कारण स्कूल जाने से वंचित हो गए थे।
इसके अलावा, डिजिटल माध्यमों का भी सहारा लिया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है, वहां शिक्षक ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए छात्रों से जुड़ रहे हैं। इससे बच्चे अपने घरों में सुरक्षित रहकर भी पढ़ाई कर पा रहे हैं।
बाढ़ की स्थिति के कारण स्कूल भवनों तक पहुंचना खतरनाक हो सकता है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। शिक्षकों की इस तत्परता से अभिभावकों को भी बड़ी राहत मिली है।
स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की इस पहल की काफी सराहना हो रही है। उनका मानना है कि विपरीत परिस्थितियों में भी बच्चों का भविष्य संवारना उनकी प्राथमिकता है।
बाढ़ का पानी धीरे-धीरे रिहायशी इलाकों में फैलने से आवागमन के साधन पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। नावों का सहारा लेना भी हर जगह संभव नहीं है, इसलिए घर तक पहुंचने की यह रणनीति सबसे प्रभावी साबित हो रही है।
प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से भी इस स्थिति पर नजर रखी जा रही है। शिक्षकों का यह समर्पण यह सुनिश्चित कर रहा है कि प्राकृतिक आपदा के बावजूद शिक्षा की लौ जलती रहे।