बिहार में भीषण बाढ़ के कारण लाखों स्कूली बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ठप
बीबीसी की एक ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में आई बाढ़ ने लाखों बच्चों की पढ़ाई को बुरी तरह प्रभावित किया है। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर काफी चिंतित हैं, क्योंकि बाढ़ के दौरान शिक्षा को सुचारू रखने के लिए सरकार की ओर से अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। इस स्थिति ने राज्य में स्कूली शिक्षा के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
VIMARSHNAARAD TVबिहार में आई बाढ़ ने जनजीवन के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को भी गहरे संकट में डाल दिया है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ के पानी के कारण लाखों बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से रुक गई है। स्कूल बंद होने और आवागमन के साधन बाधित होने से छात्रों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से स्कूल बंद रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई का भारी नुकसान हो रहा है। बाढ़ की विभीषिका के बीच बच्चों की पढ़ाई को जारी रखने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि सरकार की तरफ से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। शिक्षा विभाग की ओर से अब तक ऐसी कोई योजना सामने नहीं आई है जिससे बाढ़ के दौरान बच्चों की पढ़ाई का नुकसान कम किया जा सके।
अभिभावकों का मानना है कि यदि समय रहते सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया, तो बच्चों का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद हो सकता है। बाढ़ के कारण न केवल स्कूल भवनों को नुकसान पहुंचा है, बल्कि कई जगहों पर स्कूल राहत शिविरों में तब्दील हो गए हैं।
इस स्थिति के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों पर सबसे अधिक असर पड़ा है। जहां एक ओर बाढ़ से जान-माल का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा का यह संकट आने वाली पीढ़ी के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, लोग अब सरकार से मांग कर रहे हैं कि बाढ़ के दौरान बच्चों की पढ़ाई के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। फिलहाल, स्थिति जस की तस बनी हुई है और लाखों बच्चे स्कूल जाने से वंचित हैं।