बेंगलुरु में तीसरे निवेशक गोलमेज सम्मेलन का आयोजन, दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
दूरसंचार विभाग ने बेंगलुरु में तीसरे निवेशक गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। इस पहल का उद्देश्य ग्वालियर में भारत के पहले एकीकृत दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र (टीएमजेड) के लिए निवेश आकर्षित करना है। अब तक 24 कंपनियां इस पहल से जुड़ी हैं और ग्वालियर में 5,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई है।

दूरसंचार विभाग ने बेंगलुरु में दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र पर केंद्रित तीसरे निवेशक गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत के पहले एकीकृत दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र (टीएमजेड) के लिए निवेश, नवाचार और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि अब तक 24 कंपनियां इस पहल से जुड़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ग्वालियर में दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के लिए 5,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इसके अलावा, बेंगलुरु में हुए रोडशो के दौरान निवेशकों ने 700 से 800 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन के अनुरूप है। सरकार का लक्ष्य भारत को सेवा-प्रधान राष्ट्र से उत्पाद-प्रधान राष्ट्र बनाना है। दूरसंचार क्षेत्र में घरेलू मूल्यवर्धन बढ़ाने और भारतीय डिजाइन को वैश्विक स्तर पर ले जाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य अपनी रणनीतिक स्थिति और बुनियादी ढांचे के कारण निवेश के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
ग्वालियर में प्रस्तावित टीएमजेड को एक प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें मोबाइल उपकरण, ऑप्टिकल फाइबर और 5जी/6जी प्रौद्योगिकियों के लिए अनुसंधान एवं विकास की सुविधाएं होंगी। केंद्र सरकार इसके पहले चरण के लिए 493 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दे रही है, जबकि मध्य प्रदेश सरकार ने 170 एकड़ भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराई है।
सम्मेलन से पहले, केंद्रीय मंत्री ने बेंगलुरु में क्वालकॉम का दौरा किया और वहां के नेतृत्व के साथ दूरसंचार प्रौद्योगिकियों और सेमीकंडक्टर क्षमताओं पर चर्चा की। सरकार का प्रयास है कि निवेशकों की समस्याओं का समाधान 48 घंटों के भीतर किया जाए ताकि उद्योग जगत का विश्वास बना रहे।
इस परियोजना के लिए एक विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) का गठन किया गया है, जिसमें मध्य प्रदेश सरकार की 51% और दूरसंचार विभाग की 49% हिस्सेदारी है। यह सहयोगात्मक प्रयास भारत को वैश्विक दूरसंचार विनिर्माण मानचित्र पर एक मजबूत शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
