बॉक्सिंग रैंकिंग में भारत ने लगाई 43 स्थानों की लंबी छलांग, एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन का मिला फल
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए पदकों की झड़ी लगा दी है। इस शानदार उपलब्धि के चलते भारत ने बॉक्सिंग की वैश्विक रैंकिंग में 43 पायदान की जबरदस्त उछाल दर्ज की है। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष ने इस सफलता को पिछले एक दशक के निरंतर प्रयासों का परिणाम बताया है।
VIMARSHNAARAD TVएशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने अपने दमदार प्रदर्शन से पूरे देश को गौरवान्वित किया है। इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने पदकों की बौछार कर दी, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग पर देखने को मिला है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत ने बॉक्सिंग की दुनिया में 43 स्थानों की लंबी छलांग लगाई है।
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) के अध्यक्ष ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे पिछले 10 वर्षों की कड़ी मेहनत और सुनियोजित प्रयास शामिल हैं।
अध्यक्ष के अनुसार, पिछले एशियन गेम्स की तुलना में इस बार भारतीय दल ने अपनी रणनीति में बदलाव किया था। हालांकि पिछले खेलों में मिले 28 स्वर्ण पदकों के मुकाबले इस बार 20 स्वर्ण पदकों का नुकसान हुआ, लेकिन कुल 21 स्वर्ण पदक जीतकर भारत ने अपनी स्थिति को काफी मजबूत किया है।
यह रैंकिंग सुधार भारतीय मुक्केबाजी के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि एशियन गेम्स में मिली यह सफलता भविष्य में भारतीय मुक्केबाजों के लिए नए अवसर खोलेगी।
बीएफआई अध्यक्ष ने खिलाड़ियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत इस खेल में और भी ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने इस उपलब्धि को पूरे देश के खेल प्रेमियों को समर्पित किया है।
वर्तमान में भारतीय मुक्केबाजी जिस तरह से आगे बढ़ रही है, उससे यह स्पष्ट है कि जमीनी स्तर पर किए गए सुधारों का असर अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखने लगा है।
आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी भारतीय मुक्केबाजों से इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। यह रैंकिंग में उछाल न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएगी, बल्कि युवा प्रतिभाओं को भी इस खेल की ओर आकर्षित करेगी।