बॉक्स ऑफिस पर 'हनुमान अंश' और 'मिर्जापुर' की रफ्तार धीमी, अक्षय कुमार की 'हैवान' का फीका प्रदर्शन
बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों कई फिल्मों के बीच मुकाबला चल रहा है। 'हनुमान अंश' और 'मिर्जापुर द मूवी' के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है, हालांकि वीकएंड के बाद इनकी कमाई में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, अक्षय कुमार की फिल्म 'हैवान' की शुरुआत काफी कमजोर रही है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इन फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है।
VIMARSHNAARAD TVसिनेमाघरों में इस समय कई बड़ी फिल्मों का प्रदर्शन जारी है, लेकिन बॉक्स ऑफिस के आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। अमर उजाला की एंटरटेनमेंट डेस्क के अनुसार, 'हनुमान अंश' और 'मिर्जापुर द मूवी' के बीच दर्शकों को लुभाने की होड़ मची हुई है। इन दोनों फिल्मों ने शुरुआत में अच्छी चर्चा बटोरी थी, लेकिन वीकएंड खत्म होते ही इनकी कमाई की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
दूसरी ओर, अक्षय कुमार की फिल्म 'हैवान' को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह था, लेकिन फिल्म की ओपनिंग बेहद फीकी रही। उम्मीद की जा रही थी कि अक्षय कुमार का नाम फिल्म को अच्छी शुरुआत दिलाएगा, लेकिन ऐसा होता नहीं दिखा। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपनी छाप छोड़ने में फिलहाल नाकाम साबित हो रही है।
फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि वीकएंड के बाद फिल्मों की कमाई में गिरावट आना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इन फिल्मों के मामले में यह गिरावट थोड़ी अधिक देखी जा रही है। 'हनुमान अंश' और 'मिर्जापुर द मूवी' को लेकर दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिसका असर उनके कलेक्शन पर भी पड़ रहा है।
'हैवान' के प्रदर्शन ने फिल्म उद्योग को थोड़ा हैरान किया है। अक्षय कुमार की फिल्मों से अक्सर बेहतर ओपनिंग की उम्मीद की जाती है, लेकिन इस बार फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में संघर्ष करती नजर आ रही है।
आने वाले दिनों में इन फिल्मों का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वे दर्शकों के बीच 'वर्ड ऑफ माउथ' के जरिए कितनी चर्चा बटोर पाती हैं। यदि कमाई में सुधार नहीं हुआ, तो सिनेमाघरों में इन फिल्मों के शो कम किए जा सकते हैं।
बॉक्स ऑफिस पर चल रही इस उठापटक के बीच, दर्शक अब नई रिलीज का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल, इन फिल्मों के लिए आने वाला समय काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।
कुल मिलाकर, बॉक्स ऑफिस का मौजूदा रुझान यह दर्शाता है कि दर्शक अब केवल बड़े नाम या बड़े बजट की फिल्मों के बजाय कंटेंट पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।