ताज़ा अपडेटबॉलीवुड में टाइपकास्टिंग और सनी देओल के साथ काम करने पर अभिनेत्री तिलोत्तमा शोम का बयान
Vimarsh Naarad TV logoस्वतंत्र डिजिटल न्यूज़Vimarsh–Naarad TVखबर • विमर्श • जनता की आवाज़
डिजिटल संस्करणYouTube
समाचार श्रेणियां

बॉलीवुड में टाइपकास्टिंग और सनी देओल के साथ काम करने पर अभिनेत्री तिलोत्तमा शोम का बयान

दो दशकों से अधिक समय से अभिनय की दुनिया में सक्रिय अभिनेत्री तिलोत्तमा शोम ने बॉलीवुड में टाइपकास्टिंग और स्टीरियोटाइप्स की चुनौतियों पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि किस तरह उन्हें अपने करियर के दौरान इन समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, उन्होंने अभिनेता सनी देओल के साथ काम करने के अपने अनुभवों को भी साझा किया है।

बॉलीवुड में टाइपकास्टिंग और सनी देओल के साथ काम करने पर अभिनेत्री तिलोत्तमा शोम का बयान
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Ministry of Information and Broadcasting · GODL-India · Wikimedia Commons

अभिनेत्री तिलोत्तमा शोम ने हाल ही में एक साक्षात्कार में बॉलीवुड में अपने लंबे करियर के दौरान आने वाली बाधाओं के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से काम करने के बावजूद, उन्हें अक्सर टाइपकास्टिंग का सामना करना पड़ा है। तिलोत्तमा के अनुसार, फिल्म उद्योग में कलाकारों को एक निश्चित छवि में बांधने की प्रवृत्ति है, जो उनके विकास में बाधा डालती है।

तिलोत्तमा ने कहा कि उन्होंने इन मुद्दों पर पहले भी कई बार अपनी आवाज उठाई है। उनका मानना है कि स्टीरियोटाइप्स न केवल कलाकारों की रचनात्मकता को सीमित करते हैं, बल्कि वे विविधतापूर्ण कहानियों के निर्माण में भी बाधक बनते हैं। उन्होंने कहा कि वे हमेशा ऐसी भूमिकाओं की तलाश में रहती हैं जो उन्हें एक कलाकार के रूप में चुनौती दें।

अभिनेत्री ने सनी देओल के साथ काम करने के अपने अनुभव के बारे में भी बात की। उन्होंने सनी देओल की कार्यशैली और उनके साथ काम करने के दौरान हुई बातचीत का जिक्र किया। तिलोत्तमा ने कहा कि अनुभवी कलाकारों के साथ काम करना हमेशा सीखने का एक अच्छा अवसर होता है।

अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए तिलोत्तमा ने बताया कि उन्होंने किस तरह अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि हर फिल्म के साथ उन्होंने कुछ नया सीखा है और वे अपनी पसंद के काम को लेकर हमेशा सजग रही हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे केवल उन्हीं प्रोजेक्ट्स को चुनती हैं जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रभावित करते हैं।

तिलोत्तमा ने यह भी कहा कि अब समय बदल रहा है और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के आने से कलाकारों को अधिक अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में टाइपकास्टिंग की समस्या कम होगी और कलाकारों को उनकी प्रतिभा के आधार पर विविध भूमिकाएं मिलेंगी।

अंत में, उन्होंने अपने प्रशंसकों का धन्यवाद किया जो उनके काम को सराहते हैं। तिलोत्तमा ने कहा कि वे आगे भी इसी तरह के सार्थक और चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर काम करना जारी रखेंगी। उनका मानना है कि एक कलाकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात अपनी ईमानदारी को बनाए रखना है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01BBC News हिंदीमूल रिपोर्ट देखें ↗