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ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत-चीन संबंधों पर अमेरिकी मीडिया की नजर, वाशिंगटन में बढ़ी चिंता

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के मद्देनजर भारत और चीन के बीच बढ़ते राजनयिक संबंधों को लेकर अमेरिकी मीडिया में चर्चा तेज हो गई है। अमेरिकी अखबारों के अनुसार, वाशिंगटन इन दोनों एशियाई शक्तियों के बीच बढ़ती नजदीकियों को लेकर सतर्क है। इस घटनाक्रम को वैश्विक भू-राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिस पर अमेरिका की पैनी नजर बनी हुई है।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के आयोजन के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और चीन के संबंधों को लेकर नई बहस छिड़ गई है। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, वाशिंगटन में इन दोनों देशों के बीच बढ़ते तालमेल को लेकर चिंता का माहौल है। अमेरिकी अखबारों ने इस विषय को प्रमुखता से उठाते हुए इसे वैश्विक राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ब्रिक्स मंच पर भारत और चीन की बढ़ती सक्रियता और उनके बीच के संबंधों में सुधार की संभावनाओं ने अमेरिकी नीति निर्माताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है। वाशिंगटन का मानना है कि यदि ये दोनों देश अपने मतभेदों को पीछे छोड़कर एक साथ आते हैं, तो यह वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है।

अमेरिकी अखबारों के विश्लेषण के अनुसार, भारत और चीन के बीच किसी भी प्रकार का राजनयिक सुधार अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान इन दोनों देशों के नेताओं के बीच होने वाली संभावित बातचीत और उनके रुख पर अमेरिकी विश्लेषकों की विशेष नजर है।

रिपोर्टों में यह भी उल्लेख किया गया है कि अमेरिका लंबे समय से भारत और चीन के बीच के तनावों को अपनी वैश्विक रणनीति के संदर्भ में देखता रहा है। अब ब्रिक्स के मंच पर इन दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियों को वाशिंगटन एक नई चुनौती के रूप में देख रहा है।

अमेरिकी मीडिया का यह भी मानना है कि ब्रिक्स का विस्तार और इसमें शामिल देशों की बढ़ती एकजुटता पश्चिमी देशों के प्रभाव को सीमित कर सकती है। भारत और चीन का एक साथ आना इस समूह को और अधिक मजबूती प्रदान कर सकता है, जो अमेरिका के लिए चिंता का विषय है।

हालांकि, इन रिपोर्टों में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि भारत और चीन के बीच संबंधों में किस स्तर का बदलाव आया है, लेकिन अमेरिकी मीडिया का जोर इस बात पर है कि वाशिंगटन इस पूरे घटनाक्रम को बहुत गंभीरता से ले रहा है।

आने वाले दिनों में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान होने वाले फैसलों और भारत-चीन के बीच के संबंधों की दिशा पर दुनिया भर की नजरें टिकी रहेंगी। अमेरिकी अखबारों के अनुसार, यह सम्मेलन न केवल इन दोनों देशों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजालामूल रिपोर्ट देखें ↗