भगवत प्रसाद मकवाना ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष के रूप में संभाला कार्यभार
भगवत प्रसाद मकवाना ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष का पद संभाल लिया है। केंद्र सरकार ने 6 सितंबर 2026 को उनकी नियुक्ति की थी। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने सफाई कर्मचारियों के सम्मान, अधिकारों और उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए काम करने का संकल्प लिया। मकवाना को सामाजिक कार्यों और अनुसूचित जाति समुदायों के कल्याण का लंबा अनुभव है।

भगवत प्रसाद मकवाना ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) के अध्यक्ष के तौर पर अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली है। भारत सरकार द्वारा 6 सितंबर 2026 को जारी आदेश के बाद उन्होंने आधिकारिक रूप से यह पद ग्रहण किया है।
अपने पिछले अनुभवों के बारे में बात करें तो मकवाना उत्तराखंड राज्य सफाई कर्मचारी आयोग में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने एनएचपीसी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में भी कार्य किया है।
वे 'हाथ से मैला ढोने वालों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013' के अंतर्गत बनी केंद्रीय निगरानी समिति के सदस्य भी रहे हैं। इन भूमिकाओं के माध्यम से उन्होंने सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को करीब से समझा है।
पदभार ग्रहण करने के उपरांत मकवाना ने सफाई कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके सम्मान को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे इन समुदायों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे।
आयोग के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उनका लक्ष्य देश भर में सफाई कर्मचारियों के सशक्तिकरण के लिए चल रहे कार्यों को नई गति देना है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो मकवाना अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर डिग्री धारक हैं। उनकी शिक्षा और सामाजिक कार्यों में लंबे अनुभव का लाभ आयोग के कामकाज में मिलने की उम्मीद है।
विशेष रूप से अनुसूचित जाति समुदायों के उत्थान और उनके सशक्तिकरण से जुड़े मामलों में उन्हें व्यापक अनुभव प्राप्त है। उनके नेतृत्व में आयोग सफाई कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए अपनी सक्रिय भूमिका जारी रखेगा।
