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भारतीय टीम में चयन को लेकर भेदभाव की धारणा को पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन ने किया सिरे से खारिज

पूर्व भारतीय बल्लेबाज शिखर धवन ने टीम इंडिया में खिलाड़ियों के चयन में किसी भी तरह के भेदभाव के दावों को पूरी तरह से नकार दिया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, धवन का मानना है कि टीम में जगह बनाने का एकमात्र रास्ता शानदार प्रदर्शन करना है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए खेल में किस्मत की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया है।

भारतीय टीम में चयन को लेकर भेदभाव की धारणा को पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन ने किया सिरे से खारिज
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: NAPARAZZI · CC BY-SA 2.0 · Openverse

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने हाल ही में टीम चयन प्रक्रिया को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपनी राय रखी है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, धवन ने उन सभी दावों को खारिज कर दिया है जिनमें यह कहा जाता है कि भारतीय टीम में खिलाड़ियों को चुनते समय भेदभाव किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चयन के मामले में केवल खिलाड़ी का प्रदर्शन ही मायने रखता है।

धवन के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी के लिए राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह पक्की करने का एकमात्र आधार उसका मैदान पर किया गया बेहतरीन खेल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कोई खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन करता है, तो उसे टीम में शामिल होने से कोई नहीं रोक सकता।

अपनी बातचीत के दौरान, पूर्व क्रिकेटर ने खेल में भाग्य के महत्व को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत और कौशल के साथ-साथ किस्मत भी एक खिलाड़ी के करियर में अहम भूमिका निभाती है।

धवन का यह बयान उन लोगों के लिए एक स्पष्ट संदेश है जो चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर यह स्पष्ट किया कि टीम प्रबंधन केवल प्रदर्शन को प्राथमिकता देता है।

भारतीय क्रिकेट में चयन को लेकर अक्सर बहस होती रहती है, लेकिन धवन जैसे अनुभवी खिलाड़ी का यह रुख इस विषय पर एक अलग दृष्टिकोण पेश करता है। उन्होंने चयन में किसी भी प्रकार के पक्षपात की संभावना को सिरे से खारिज किया है।

अंत में, धवन ने युवा खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे बाहरी चर्चाओं पर ध्यान देने के बजाय अपने खेल को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करें। उनका मानना है कि निरंतरता ही सफलता की कुंजी है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट में नए खिलाड़ियों के आने और पुराने खिलाड़ियों के बाहर होने को लेकर अक्सर चर्चाएं होती रहती हैं। धवन की स्पष्टवादिता ने इस विषय पर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीमूल रिपोर्ट देखें ↗