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भारत केवल तटरेखा वाला देश नहीं बल्कि एक सशक्त समुद्री राष्ट्र है: नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन

NDTV डिफेंस समिट 2026 में नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने भारत की समुद्री पहचान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा समुद्र से गहराई से जुड़ा हुआ है, जो इसे केवल एक तटीय देश से कहीं अधिक एक समुद्री राष्ट्र बनाता है।

NDTV डिफेंस समिट 2026 के दौरान नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने भारत की भौगोलिक और आर्थिक स्थिति पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को केवल एक ऐसे देश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए जिसकी सीमाएं समुद्र से लगती हैं, बल्कि इसे एक वास्तविक समुद्री राष्ट्र के रूप में पहचाना जाना चाहिए।

एडमिरल स्वामीनाथन के अनुसार, भारत की प्रगति और स्थिरता में समुद्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने रेखांकित किया कि देश की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा समुद्री गतिविधियों और संसाधनों पर निर्भर है।

नौसेना प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि समुद्री शक्ति न केवल सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि यह राष्ट्र की आर्थिक समृद्धि का भी आधार है। उन्होंने भारत की समुद्री क्षमता को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता को भी स्पष्ट किया।

यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को लगातार बढ़ा रहा है। एडमिरल के विचार भारत की भविष्य की समुद्री नीति की दिशा को भी दर्शाते हैं।

सम्मेलन में मौजूद विशेषज्ञों ने भी नौसेना प्रमुख की इन बातों का समर्थन किया और कहा कि आने वाले समय में समुद्री व्यापार और सुरक्षा भारत के लिए और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाएंगे।

एडमिरल स्वामीनाथन ने अपने संबोधन में यह भी संकेत दिया कि भारतीय नौसेना देश के समुद्री हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार और सक्षम है।

अंत में, उन्होंने इस बात को दोहराया कि भारत की पहचान उसके समुद्री इतिहास और भविष्य की संभावनाओं से अटूट रूप से जुड़ी हुई है।

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मूल संदर्भ

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