भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता: व्यापार और निवेश के लिए खुलेंगे विकास के नए रास्ते
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता किसानों, एमएसएमई और स्टार्ट-अप के लिए अवसर लाएगा। बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने इसे आर्थिक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया।
VIMARSHNAARAD TVकेंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर चर्चा करते हुए कहा कि यह समझौता किसानों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), नवोन्मेषकों और महिला उद्यमियों के लिए विकास के नए द्वार खोलेगा। इस उच्चस्तरीय बातचीत में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए।
श्री गोयल ने बताया कि इस समझौते के तहत 2 अरब लोगों का विशाल बाजार एक साथ आएगा, जो वैश्विक जीडीपी का एक-चौथाई हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार दोगुना होकर 140 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने एंटवर्प-ब्रुग्स बंदरगाह को भारत और यूरोप के बीच एक प्रमुख लॉजिस्टिक कड़ी करार दिया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से हीरा, औषधि, हरित हाइड्रोजन और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
श्री गोयल ने सुझाव दिया कि भारत और बेल्जियम रत्न, आभूषण, सेमीकंडक्टर और रक्षा विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और गहरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य 2047 तक अपनी अर्थव्यवस्था को 30 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाना है।
मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि भारत ने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया है और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में भी निजी भागीदारी बढ़ रही है। अंत में, श्री गोयल ने बेल्जियम की कंपनियों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया और कहा कि दोनों देश मिलकर वैश्विक स्तर पर टिकाऊ और मूल्यवान परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।